UGC के नियमों पर SC की रोक के बाद प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, ‘गालियां दी गईं, मेरे सरनेम…’

UGC के नियमों पर SC की रोक के बाद प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, ‘गालियां दी गईं, मेरे सरनेम…’
शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी

यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए यूजीसी के उन दिशानिर्देशों पर रोक लगाई है जो अस्पष्ट, मनमाने थे और कैंपस में अधिक भेदभाव पैदा करने का प्रयास थे.

मुझे ट्रोल किया गया, गालियां दी गईं- प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मुझे ट्रोल किया गया, गालियां दी गईं और मेरे सरनेम (Surname) को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वो भी ठीक है जो बात प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है, उसके खिलाफ मैं आवाज उठाती रहूंगी.”

UGC के नियमों पर SC की रोक के बाद प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, 'गालियां दी गईं, मेरे सरनेम...

‘सरकार को जनता के विरोध का कोई सम्मान या परवाह नहीं’

 

उन्होंने आगे कहा, ”यह अब स्पष्ट हो गया है कि भारत सरकार ने हस्तक्षेप करने और UGC के दिशानिर्देशों को वापस लेने की अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह किनारा कर लिया, यह अब दिन के उजाले की तरह साफ है कि उन्हें जनता के विरोध का कोई सम्मान या परवाह नहीं है. और जो लोग चुप रहे जब आवाज उठाना आपकी जिम्मेदारी थी, उसका फैसला समय करेगा.”

केंद्र सरकार और UGC को SC से नोटिस जारी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29) को यूजीसी के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी किया है. साथ ही, शीर्ष कोर्ट ने फिलहाल यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगा दी है. मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि उन्होंने यूजीसी के नए नियमों के सेक्शन 3सी को चुनौती दी है. उनका कहना था कि रेगुलेशन में भेदभाव की जो परिभाषा दी गई है, वह संविधान के अनुरूप नहीं है.