निजी अस्पताल को बताना होगा मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम, नियम तोड़ने पर रद होगा पंजीकरण
आगरा। अब प्रदेश के निजी अस्पताल प्रबंधन को अपने यहां भर्ती मरीजों को उनका इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम भी बताना होगा। हर मरीज की बेड हेड टिकट (बीएचटी) पर डॉक्टर का नाम दर्ज करना होगा। सीसीटीवी भी लगवाना होगा। ऐसा न करने पर अस्पताल संचालक को नोटिस देकर पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 100 संदिग्ध अस्पताल चिन्हित किए हैं। इनके पांच की जगह एक वर्ष के लिए ही पंजीकरण किए गए थे। इन अस्पतालों के नवीनीकरण के दौरान टीम औचक निरीक्षण करेगी।
बीते वर्ष स्वास्थ्य विभाग की टीम को छापे में ऐसे अस्पताल मिले थे, जहां मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर नहीं थे। इन मरीजों की बीएचटी पर डॉक्टर का नाम भी दर्ज नहीं था। सर्जरी वाले मरीजों को सर्जरी करने वाले डॉक्टर के बारे में बताया नहीं गया।
ऐसे 100 अस्पतालों का एक वर्ष के लिए पंजीकरण किया गया था। यह पंजीकरण 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। नवीनीकरण के लिए एक से 30 अप्रैल के बीच आवेदन करना होगा।
सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन करने वाले अस्पतालों की औचक जांच होगी। जांच के दौरान बीएचटी पर डॉक्टर का नाम नहीं मिलता है, मरीज इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम न बताने की शिकायत करते हैं तो अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर नहीं कर पाएंगे इलाज
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर निजी अस्पतालों में मरीजों की सर्जरी सहित अन्य उपचार करते हैं। निजी प्रैक्टिस पर रोक के चलते डॉक्टर बीएचटी पर अपना नाम नहीं लिखते। अस्पताल संचालक भी मरीजों को डॉक्टर का नाम नहीं बताते हैं। इस नियम से इस तरह की प्रैक्टिस पर रोक लगेगी।
