वक्फ बिल को लेकर गरमाई सियासत, प्रशांत किशोर ने केंद्र और नीतीश कुमार को घेरा, कहा- ‘मुसलमानों में…’

वक्फ बिल को लेकर गरमाई सियासत, प्रशांत किशोर ने केंद्र और नीतीश कुमार को घेरा, कहा- ‘मुसलमानों में…’
Prashant Kishor and Nitish Kumar | PTI

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि इसे हिंदू या मुस्लिम विरोधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन इस विधेयक से मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.

सरकार पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने कहा, “आज़ादी के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने विभिन्न समुदायों को कुछ प्रतिबद्धताएं और आश्वासन दिए थे. ऐसे में इस पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वे उन प्रतिबद्धताओं का सम्मान करें. अगर सरकार इनमें कोई बदलाव कर रही है, जिससे किसी समुदाय पर असर पड़े, तो पहले उन्हें विश्वास में लिया जाना चाहिए.”

नीतीश कुमार पर जमकर बरसे

प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि “सरकार के पास लोकसभा में बहुमत नहीं है, लेकिन वे यह कानून इसलिए ला पा रहे हैं क्योंकि नीतीश कुमार जैसे नेता उनका समर्थन कर रहे हैं. यदि नीतीश कुमार इस विधेयक के पक्ष में वोट न दें, तो सरकार इसे कभी कानून नहीं बना सकती.”

मुसलमानों का शुभचिंतक बताते हैं कुछ नेता

उन्होंने आगे कहा कि “बीजेपी मुसलमानों को अपना वोट बैंक नहीं मानती, लेकिन जो नेता खुद को मुसलमानों का शुभचिंतक बताते हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए कि क्या वे इस विधेयक का समर्थन कर अपनी कथनी और करनी में विरोधाभास नहीं दिखा रहे?”

 

इतिहास में दर्ज होगी नेताओं की भूमिका

प्रशांत किशोर ने कहा कि “जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तो इस कानून की जिम्मेदारी बीजेपी से ज्यादा उन नेताओं पर होगी, जो खुद को गांधी, लोहिया और जयप्रकाश नारायण के विचारों का अनुयायी बताते हैं, लेकिन फिर भी इस बिल के समर्थन में वोट डाल रहे हैं.”

क्या है वक्फ संशोधन बिल 

बता दें कि केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य वक्फ बोर्ड के कार्यों को सुव्यवस्थित करना और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाना है. यह विधेयक वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करेगा, जिससे संपत्तियों के प्रशासन में आने वाली कानूनी चुनौतियों का समाधान किया जा सके. सरकार के अनुसार, इस संशोधन से अवैध कब्जों पर रोक लगेगी, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, और वक्फ बोर्ड की जवाबदेही सुनिश्चित होगी. सरकार का दावा है कि इससे मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों का उचित प्रबंधन होगा और उनके कल्याणकारी कार्यों को बल मिलेगा.


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