यूपी में नकली नोटों के मुद्दे पर राजनीति, पंकज चौधरी के आरोपों पर अखिलेश यादव का जवाब- गोरखपुर है ही कितनी दूर…

यूपी में नकली नोटों के मुद्दे पर राजनीति, पंकज चौधरी के आरोपों पर अखिलेश यादव का जवाब- गोरखपुर है ही कितनी दूर…

उत्तर प्रदेश में नकली नोटों के रैकेट का खुलासा होने के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लाल टोपी वाले नेताओं को नकली नोटों का ‘धुरंधर’ बताकर निशाना साधा तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जोरदार पलटवार किया और कहा कि नकली नोट चलाने वालों की तस्वीरें बीजेपी नेताओं के साथ हैं.

सपा अध्यक्ष ने किया पलटवार

अखिलेश यादव ने पंकज चौधरी पर पलटवार करते हुए एक्स पर निशाना साधा और लिखा- ‘देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर. भाजपाई नकली नोट तो देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट देश के बाहर ले जा रहे हैं. नकली नोट चलानेवालों की तस्वीरें, भाजपा के विधायक के साथ सड़क से लेकर उनके अपने कार्यालयों तक में सबूत के तौर पर मिल चुकी हैं, तो फिर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में देरी किस बात की?

शायद माननीय जी का शासन-प्रशासन इस बात से घबरा रहा है कि ‘बाटी-चोखा बैठक’ में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने से कहीं ‘हाता नहीं भाता’ वाला मामला और न गरमा जाए या फिर इस गोरखधंधे में सबकी हिस्सेदारी है, देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर. थोड़े कहे को, ज़्यादा समझिएगा!’

नकली नोटों पर बीजेपी-सपा में जुबानी जंग

दरअसल पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने नकली नोटों का गिरोह चलाने वाले आरोपी विवेक यादव का सपा से कनेक्शन होने का आरोप लगाया. इस विवाद में पंकज चौधरी की भी एंट्री हो गई और उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि- ‘लाल टोपी वाले हैं नकली नोटों के धुरंधर.’

उत्तर प्रदेश में नकली नोटों की फैक्ट्री चलाने के आरोप में सपा नेता की गिरफ्तारी ने समाजवादी पार्टी की चाल, चरित्र और चेहरा तीनों को उजागर कर दिया है। जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं, वे सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि राष्ट्रद्रोही हैं.’ पंकज चौधरी ने सपा चीफ से जवाब मांगा और कहा कि सपा प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ सत्ता है. चाहे उसके लिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सम्मान ही क्यों न दांव पर लग जाए.

बता दें कि नकली नोट गैंग के फरार सरगना विवेक यादव अब भी फ़रार है. पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया है. उसकी तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. उसके नेपाल भागने की भी आशंका जताई जा रही है. अभी तक इस मामले में चार अभियुक्तों राहुल यादव, विवेक कुमार यादव, नरेंद्र यादव और धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था.


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