
खेजड़ी आंदोलन पर सियासत तेज, भजनलाल सरकार लाएगी नए कानून, ‘शहीदों की कुर्बानी नहीं जाएगी बेकार’
राजस्थान में आस्था के प्रतीक माने जाने वाले खेजड़ी के पेड़ों के संरक्षण को लेकर बीकानेर रेंज में चल रहे आंदोलन पर सियासत तेज हो गई है. आंदोलन को खत्म कराने के लिए राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार जल्द ही नया कानून लाए जाने की तैयारी में है. राज्य के कानून मंत्री जोगाराम पटेल का कहना है कि जल्द ही कैबिनेट की बैठक बुलाकर बिल का प्रस्ताव मंजूर किया जाएगा. उसके बाद ही विधानसभा के मौजूदा शीतकालीन सत्र में बिल पेश किया जाएगा.
संरक्षण देने वालों को किया जाएगा प्रोत्साहित
नए कानून के जरिए खेजड़ी के पेड़ों के संरक्षण और इन्हें बढ़ावा दिए जाने को लेकर सख्त नियम बनाए जाएंगे. संरक्षण देने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि खेजड़ी के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए कानून और सख्त किए जाएंगे. उनके मुताबिक मौजूदा सरकार खेजड़ी समेत तमाम दूसरी तरह के पेड़ पौधों को बचाने का काम प्राथमिकता के आधार पर कर रही है. सरकार को इस बात का पता है कि बिश्नोई समाज में खेजड़ी का पेड़ आस्था से कितनी जुड़ा हुआ है.
तकरीबन 300 साल पहले हुए आंदोलन में अगुवाई करने वाली महिला अमृता देवी समेत 363 लोगों ने खेजड़ी को लेकर अपनी शहादत दी थी. शहीदों की इस कुर्बानी को कतई बेकार नहीं जाने दिया जाएगा. सरकार जन भावनाओं का सम्मान करते हुए नया सख्त कानून बनाकर इनके संरक्षण का काम करने जा रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.
अशोक गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस बारे में ट्वीट करते हुए सरकार पर निशाना साधा है. राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा है कि सरकार को आंदोलन को जल्द से जल्द खत्म कराए जाने की कोशिश करनी चाहिए और माफियाओं के दबाव से बाहर आकर खेजड़ी का संरक्षण करना चाहिए.
