पीएम मोदी ने हैदराबाद को भाग्यनगर कहकर पुकारा, ये कही बड़ी बात

पीएम मोदी ने हैदराबाद को भाग्यनगर कहकर पुकारा, ये कही बड़ी बात
  • हैदराबाद में बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने संबोधन में हैदराबाद को भाग्यनगर कहकर पुकारा.

नई दिल्ली:  हैदराबाद में बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने संबोधन में हैदराबाद को भाग्यनगर कहकर पुकारा. उन्होंने कहा कि भाग्यनगर में ही सरदार पटेल ने “एक भारत” दिया था. हमारी एक ही विचारधारा है- नेशन फर्स्ट, हमारा एक ही कार्यक्रम है- नेशन फर्स्ट. तुष्टिकरण खत्म कर हमने तृप्तीकरण का रास्ता अपनाया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को आभार जताया है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एचआईसीसी हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बहुत ही विस्तार से भाजपा के लिए अवसर, भाजपा के इतिहास और विकास की यात्रा, भाजपा का भविष्य और देश के प्रति हमारा दायित्व क्या है, इसके विषय में विस्तार से कहा. उन्होंने कहा कि हैदराबाद में सरदार पटेल ने एक भारत की नींव रखी थी, जिसको तोड़ने का बहुत प्रयास होता था. अब भाजपा के कंधों पर एक भारत से श्रेष्ठ भारत की यात्रा को पूरा करने का दायित्व है.

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन बहुत से ऐसे प्रदेश हैं, जहां अभी भी संघर्ष जारी हैं. कार्यकर्ता वहां बिना सत्ता की परवाह करते हुए संघर्ष और बलिदान करते हैं. इस दिशा में उन्होंने केरल, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की बात की.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हम तेलंगाना में हैं तो भाजपा बहुत जगह आगे बढ़ी है. भाजपा को उसके काम, उसकी गवर्नेंस और ईमानदारी के कारण जनता का बहुत आशीर्वाद मिलता है. उन्होंने कहा कि हमारी सोच लोकतांत्रिक है. तभी सरदार पटेल कांग्रेस के नेता थे, लेकिन उनकी विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी हमने बनवाई. हमारी सोच लोकतांत्रिक है, इसीलिए जब हमने प्रधानमंत्री म्यूजियम बनाया तो देश के सारे प्रधानमंत्रियों को हमने उसमें स्थान दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि आजकल कई राजनीतिक दल अपने अस्तित्व को बचाने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमें उसपर न तो हास्य करना है और न व्यंग्य करना है. हमें सीखना है कि हम कोई ऐसा काम न करें जो उन्होंने किया. विविधता की शक्ति के साथ हम अपने संगठन के संकल्प को देश में विस्तारित करें. प्रधानमंत्री ने दूसरी बात कही कि हमारी सोच होनी चाहिए तुष्टिकरण से तृप्तिकरण और ये जब हम करेंगे तभी हमारे जो लक्ष्य हैं एक भारत श्रेष्ठ भारत और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास पूरे हो पाएंगे.

पीएम मोदी ने दो बातें बहुत रोचक कही. पहली- हमारा उद्देश्य  P2 से G2 का होना चाहिए अर्थात pro people, pro active governance (जनता सापेक्ष, सुशासन सापेक्ष) हमारी पूरी कार्य पद्धति होनी चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी माताएं बहनें पूरे देश में हमें बहुत आशीर्वाद दे रही हैं. तो हमारा फर्ज बनता है कि जैसे उज्ज्वाला योजना और ट्रिपल तलाक से लेकर दर्जनों कार्यक्रम उनके लिए किए हैं. हमारा ये कमिटमेंट उनके लिए हमेशा रहना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें देश को बताना चाहिए कि आज पहली बार एक आदिवासी, योग्य महिला भारत की राष्ट्रपति बनने जा रही है, जो आजादी के 75 साल में आज तक नहीं हुआ था.