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शहरकाजी सहित उलमाओं की अपील, घर पर ही अदा करें ईद की नमाज, किताब या मोबाइल में देखकर पढ़ें खुतबा

लॉकडाउन 4.0 के साथ सरकार ने छूट के लिए नई गाइडलाइन जरूर जारी की है। लेकिन मेरठ में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों के कारण प्रशासन सख्ती में ढील देने के मूड में नहीं है। 24 या 25 मई को चांद दिखने के साथ ईद का त्योहार मनाया जाएगा। शहरकाजी सहित अन्य उलमाओं ने ईद की नमाज घरों पर अदा करने की अपील की।

शहरकाजी जैनुस सजिद्दीन ने बताया कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या ने मेरठ को रेड जोन में डाल दिया है। उन्होंने बताया जिन लोगों पर रोजा फर्ज है उन पर ईद की नमाज वाजिब है।
जुमे की नमाज की जगह घर पर जोहर (दोपहर) की नमाज अदा करते हैं। जबकि ईद की नमाज न पढ़ने वाले लोग घरों में दो या चार रकाअत चाश्त (फजर की नमाज से एक घंटा बाद) की नमाज अदा करेंगे। जिससे ईद की नमाज जितना सवाब मिलेगा।

नमाज के बाद खुतबा भी पढ़ें, किताब में या मोबाइल में देखकर खुतबा पढ़ेंगे। क्योंकि खुतबा भी नमाज का हिस्सा है। लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए ईद मनाएंगे।

सदर बाजार स्थित मदरसा इमदादुल इस्लाम के उपाध्यक्ष मौलाना शाहीन जमाली ने बताया पहली बार लोग ईद की नमाज घरों पर अदा करेंगे। लेकिन इस मुश्किल समय में ये निर्णय बहुत जरूरी भी था।

पूरे देश और दुनिया में कोरोना ने कहर बरपा रखा है, ऐसे में प्रशासन का साथ देने के लिए लोगों हमेशा साथ खड़ा होना है। कहा जरूरतमंदों की मदद करते हुए ईद का त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि समाज की भलाई के लिए प्रशासन के नियमों का सख्ती से पालन करें।

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