‘गरीब की समझ के बाहर है, केवल 5% लोगों…’, बजट के बाद अखिलेश और डिंपल यादव की पहली प्रतिक्रिया

‘गरीब की समझ के बाहर है, केवल 5% लोगों…’, बजट के बाद अखिलेश और डिंपल यादव की पहली प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया है. इसे लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. बजट पेश होने के बाद समाजवादी पार्टी ने उस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव ने इस बजट को गरीब, महिला और युवा विरोधी बताया. दोनों नेताओं ने बजट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए.

बजट में कुछ नहीं- अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बजट 2026 में आम जनता के लिए कुछ भी नहीं है और यह पूरी तरह समझ से बाहर है. उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही चलते रहे तो पीतल को लोहे पर चढ़ाकर गहने बनाने पड़ेंगे, यह बजट उसी सोच को दिखाता है. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है. पीटीआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर सच में विकसित भारत का सपना देखना है तो शिक्षा क्षेत्र के लिए कहीं ज्यादा बजट आवंटन होना चाहिए. सपा प्रमुख ने साफ कहा कि जब बीजेपी सरकार से कोई उम्मीद नहीं है तो उसके बजट से भी उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने दावा किया कि अब तक के सभी बजट सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए बनाए गए हैं.

गरीबों और आम जनता पर फोकस की कमी- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि असली बजट वही होता है, जिसे पेश किए जाने के बाद गरीब के चेहरे पर खुशी दिखाई दे. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बजट में गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला कोई ठोस प्रावधान नहीं है. सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों और शब्दों का खेल है, जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर किसी भी देश की रीढ़ होते हैं, लेकिन इस बजट में इन दोनों को प्राथमिकता नहीं दी गई. अखिलेश यादव के मुताबिक, सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन वास्तविक जरूरतों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है.

महिला, युवा और ग्रामीण भारत की अनदेखी- डिंपल यादव

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार से जितनी उम्मीद थी और जिस तरह की बड़ी-बड़ी घोषणाएं लगातार की जाती रही हैं, बजट में उसका कोई असर नहीं दिखता. उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए कुछ भी ठोस नहीं है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है.

डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणा वाली सरकार बनकर रह गई है और जमीन पर जाकर देखने पर कुछ भी नजर नहीं आता. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है, महिला सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. डिंपल यादव ने बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में यह कहना मुश्किल है कि महिलाओं या युवाओं के लिए बजट में कुछ खास किया गया है.