दशलक्षण पर्व के प्रथम दिन जैन धर्मालंबियो ने विश्वशांति की कामना कर भगवान महावीर के णमोकार मंत्र का पाठ किया

दशलक्षण पर्व के प्रथम दिन जैन धर्मालंबियो ने विश्वशांति की कामना कर भगवान महावीर के णमोकार मंत्र का पाठ किया
श्री भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंिदर में पूजा पाठ करते जैन समाज के श्रद्धालु

नकुड 28 अगस्त इंद्रेश। नगर मे श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंिदर में दशलक्षण पर्व के पहले दिन जैन धर्म के अनुयायियों ने उत्तम क्षमा धर्म के रूप में पूजा ,प्रक्षाल, शांतिधारा व सुमतिनाथ भगवान की आराधना की। इस मौके पर समवशरण विधान पाठ की स्थापना की गयी।

पर्युषण पर्व के मौके पर पहले दिन नेमिनाथ भगवान का अभिषेक , पूजन, आरती की गयी तथा विश्व शांति की कामना करते हुए दशलक्षण कलश की स्थापना की गयी। इस अवसर पर जैन समाज के उपाध्यक्ष रजनीश जैन, पुनीत जैन, व जैन मिलन के महामंत्री पंकज जैन पर्व के महत्व की चर्चा करते हुए बताया कि दशलक्षण श्रद्धालुओ को आत्मशुद्धि, व तपश्चर्या का अवसर प्रदान करता है। पर्व के दस दिनो में श्रद्धालु शारारिक व मानसिक तमश्चर्या के माध्यम से अपनी आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास करते हे।

पर्व के प्रथम दिन भगवान महावीर के सिद्धांत अंहिंसा परमो धर्म पर चलने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंिदर मे णमोकार मंत्र का जाप किया गया। साथ ही भजन किर्तन कर भगवान के समक्ष आत्मसमर्पित भाव से उनकी उपासना की गयी।

इस मौके पर पंकज जैन, श्रीमती नीलम जैन, सरिता जैन, वर्धन जैन, सयंम जैन, सुनील जैन, मनोज जैन, संजीव जैन, आशीष जैन, अवि, रेखा जैन, वर्षा जैन, सिद्धि जैन, तन्नु, प्रज्ञा आदि उपस्थित रहे।

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