दशलक्षण महापर्व के पाचवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पूजा अर्चना के साथ भगवान चंद्रप्रभु व आदिनाथ भगवान को अघ्र्य दिया गया

दशलक्षण महापर्व के पाचवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पूजा अर्चना के साथ भगवान चंद्रप्रभु व आदिनाथ भगवान को अघ्र्य दिया गया
फेाटेा श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर मे पूजा अर्चना करते जैन समाज के श्रद्धालु

नकुड 1 सितंबर इंद्रेश। नगर के भगवान श्री आदिनाथ दिगबंर जैन मंदिर में चल रहे दस दिवसीय दशलक्षण पर्व के पाचवे दिन भगवान चंद्रप्रभु व आदिनाथ भगवान को अघ्र्य समंर्पित किया गया। साथ ही उत्तम शौच धर्म की पूजा अर्चना की गयी ।

इस मौके पर वक्ताओ ने बताया कि शरीर की सफाई रखना, कपडे पहनना, व स्नान करना ही शौच नही है। बल्कि ह्दय से लोभ व मोह का त्याग करना ही शौच है। यह लोभ ही सभी पापकर्मो का मूल जनक है। सुबह के समय भगवान 1008 पारसनाथ भगवान का अभिषेक कर पूजा प्रक्षाल किया गया।

इस मोके पर रात्री मे मंिदर में फंेसीडरेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिला जैन मिलन द्वारा अयोजिन सोलह स्वप्न प्रस्तुति को दर्शको ने दिल भरकर सराहा। कार्यक्रम मे विदिशा जैन की बुढिया की लुटिया गजब कर गयी , वाणी जैन की चंदनबाला, व आदि जैन भील , आस्था जैन, व गुनगुन जैन की धर्मेंद्र पदमावती के रूप में प्रस्तुतियो ने खूब तालियां बटोरी।
इस अवार पर जैन मिलन के मनीष जैन व पंकज जैन, ने बताया कि शाम को मंदिर मे भजन किर्तन के साथ भगवान श्री की आरती उतारी गयी।