उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने पर राजनाथ सिंह ने कहा- सीएम को ‘धुरंधर धामी’ कहा जाना चाहिए
हल्द्वानी: उत्तराखंड सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हल्द्वानी पहुंचे और सीएम धामी की जमकर तारीफ की। उन्होंने हल्द्वानी में कहा, “उत्तराखंड के कर्मठ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार साल के कार्यकाल की समाप्ति पर यह बैठक आयोजित की गई है। चुनाव के समय एक जनसभा को संबोधित करते हुए मैंने कहा था कि हमारे धामी सिर्फ एक साधारण धामी नहीं, बल्कि ‘धाकड़ धामी’ हैं।”
राजनाथ ने कहा, “उनके चार साल के कार्यकाल में उनके द्वारा किए गए कार्यों को सुनने के बाद, मैंने यह निष्कर्ष निकाला कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को सिर्फ ‘धाकड़ धामी’ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर धामी’ कहा जाना चाहिए। उन्होंने असाधारण कार्य किया है।”
धामी के नेतृत्व में 10,000 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए: राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा उत्तराखंड देवताओं की भूमि है और हमारी आस्था एवं संस्कृति का केंद्र है, इसलिए इसकी रक्षा करना और इसकी पवित्रता को बनाए रखना जरूरी है। मैं यहां के सभी लोगों से अपील करता हूं कि हमें उत्तराखंड की रक्षा करनी चाहिए और इसकी पवित्रता को बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व और हमारी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड में अवैध प्रवासियों के लिए कोई जगह नहीं है। उनके नेतृत्व में 10,000 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए हैं।”
धामी ने शिक्षा, रोजगार और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया: राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा, “उत्तराखंड देवभूमि है। हालांकि, अगर भारत में किसी भूमि को ‘वीरभूमि’ कहा जाता है, तो वह उत्तराखंड के अलावा कोई और नहीं है। जब भी देश की सीमाओं की रक्षा की बात आती है, उत्तराखंड के लोग पीछे नहीं हटते। हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों और सैनिकों के लिए ‘एक रैंक, एक पेंशन’ की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया लेकिन मैं उत्तराखंड सरकार के प्रति अपने पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों के प्रति दिखाई गई चिंता के लिए आभार व्यक्त करना चाहता हूं। चाहे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना हो, शिक्षा में आरक्षण हो, रोजगार के अवसर हों या उनके लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना हो, पुष्कर सिंह धामी ने हर मोर्चे पर योगदान दिया है और प्रयास किए हैं।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?
हल्द्वानी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारी डबल इंजन की सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन रखा गया है। आज हमें यहां हमारे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। 2014 के पूर्व देश की राजनीति में केवल घोटाले हुआ करते थे। 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के सफल नेतृत्व में भारत का एक ऐतिहासिक कालखंड प्रारंभ हुआ है।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, और इस संकल्प को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और एक प्रमुख वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। आज विश्व के सभी देश किसी भी वैश्विक समस्या के समाधान के लिए भारत की ओर देखते हैं।”
धामी ने कहा, “पहले देश की राजनीति में सिर्फ घोटालों, बदनामी, कुशासन और भ्रष्टाचार की ही चर्चा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि एक कमजोर, पिछड़ा और असुरक्षित राष्ट्र के रूप में चित्रित की जाती थी। लेकिन 2014 के बाद, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में, भारत के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और राष्ट्रवाद की भावना के पुनर्जागरण का एक ऐतिहासिक दौर शुरू हुआ। आज, सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की नीति के साथ, भारत विकास के नए मुकाम हासिल कर रहा है। साथ ही, हम वैश्विक मंचों पर खुद को एक मजबूत, सक्षम और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”
युद्ध को लेकर क्या बोले राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह ने कहा, “आज पूरी दुनिया एक संकट के दौर से गुजर रही है। आज सारी दुनिया में युद्ध चल रहा है। यह केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक चिंता का विषय है। इस संकट की घड़ी में दुनिया का कोई देश प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने हमें उस स्थिति तक पहुंचने नहीं दिया।”
राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट रूप से कहा है, और आज हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि हमें इसका समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही निकालना होगा। जहां तक भारत का सवाल है, प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से विश्व में भारत का कद बढ़ाया है, हम उनकी कितनी भी प्रशंसा कर लें, वह कम है। आज अगर हमारा भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ कहता है, तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। आज यही है पूरी दुनिया में भारत का दर्जा।”
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “जब दुनिया में युद्ध चल रहा होता है, तो ऊर्जा और खाद्य संकट होना स्वाभाविक है। इस संकट की घड़ी में दुनिया का कोई भी देश अप्रभावित नहीं रह सकता। संभव है कि भारत भी इस संकट से प्रभावित हो। लेकिन अब तक हमारे प्रधानमंत्री ने अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के बल पर भारत को इस संकट में नहीं फंसने दिया है। लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। आज उत्तराखंड की धरती से मैं आप सभी से अपील करता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट को हल करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों में सहयोग करें।”
