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दोष सिद्ध होने पर विद्धान न्यायाधीश ने अभियुक्त को सुनाई आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा

दोष सिद्ध होने पर विद्धान न्यायाधीश ने अभियुक्त को सुनाई आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा
  • सहारनपुर में निर्णय की जानकारी देते विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार गौड।

सहारनपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधि0, सहारनपुर सहारनपुर मो0 अहमद खान ने अभियुक्त को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 20 हजार रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार गौड ने जानकारी देते हुए बताया कि  16 अक्टूबर 2020 को वादिया श्रीमती कोमल ने आरोपी रामू पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम लंढौरा थाना नानौता जिला सहारनपुर के खिलाफ उसके घर में घुसकर जातिसूचक शब्दों से गालीगलौच करते हुए जान से मारने की नीयत से हमला कर घायल कर दिया था जिसे मौके पर आकर बिरमपाल, पूजा, मोहन, रमेश आदि ने बामुश्किल आरोपी के चंगुल से छुड़ाया था। पुलिस ने वादिया की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या-1620/2020 धारा-457, 354ख, 323, 325, 504, 506 भा0द0वि व 3(2)(वी) एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम में थाना नानौता में पंजीकृत कराया गया था।

उपरोक्त विवेचना न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधि0 में विचाराधीन रही। विशेष लोक अभियोजन निर्मल कुमार गौड ने बताया कि एसएसपी सहारनपुर के निर्देशन में आपरेशन कनवीशन में चिन्हित माॅनिटरिंग सैल द्वारा की गई सशक्त पैरवी एवं प्रयासों के चलते  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधि0, सहारनपुर ने अभियुक्त रामू पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम लंढौरा थाना नानौता को मुकदमा अपराध संख्या-1620/2020 धारा-457, 354ख, 323, 325, 504, 506 भा0द0वि व 3(2)(वी) एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 20 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषसिद्ध अपराधी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की सम्पूर्ण धनराशि में से आधी धनराशि चुटहिल अमित कुमार को प्रतिकर के रूप में प्रदान की जाएगी।

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