15 अगस्त को माहौल बिगाड़ने की पाक सेना की बड़ी साजिश बेनकाब, बनाया था ये प्लान

 
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान 14-15 अगस्त को कई जगहों पर युद्ध विराम का उल्लंघन कर सकता है। हालांकि इससे पहले पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की बी-टीम यानी बॉर्डर एक्शन टीम केरन सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश कर चुकी है, जिसे भारतीय सेना ने नाकामयाब करते हुए उनके सात बैट कमांडोज को उनकी सीमा में ही ढेर कर दिया था।

सीमा पर भारी मात्रा में गोला-बारुद जमा

सैन्य बलों एवं इंटेलीजेंस एजेंसियों को अब ऐसी जानकारी मिल रही है कि पाकिस्तान सेना ने नियंत्रण रेखा के निकट भारी मात्रा में गोला-बारुद जमा किया है। जिसमें हल्की तोपें और हैवी मोर्टार आदि शामिल हैं। वहीं,  भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान की ओर से ऐसी किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जबरदस्त तैयारी कर ली है। 31 जुलाई को केरन सेक्टर के केल कुल्लियां इलाके में बैट कमांडोज ने भारत की एक अग्रिम निगरानी चौकी पर बड़ा हमला करने की साजिश रची थी। उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश कराने के लिए पाकिस्तान पोस्ट की ओर से लगातार कवर फायरिंग की जा रही थी।

पाकिस्तान ने लीं मारे गए कमांडोज की लाशें

करीब दर्जनभर बैट कमांडो जब घने जंगलों का फायदा उठाकर नियंत्रण रेखा पार कर आगे बढ़ने लगे तो भारतीय जवानों ने बैट के सात कमांडो मार गिराए। बाद में सेटेलाइट के जरिए इनकी तस्वीरें भी जारी की गई थी। भारतीय सेना ने जब पाक सेना को इन कमांडो की लाशें ले जाने के लिए कहा तो जवाब मिला कि ये हमारी सेना के नहीं हैं। घुसपैठियों ने जैसी पोशाकें पहन रखी थीं, वह पाकिस्तान की सेना की नियमित वर्दी जैसी थी, साथ ही उनके पास से पाकिस्तान के चिह्नों वाला सामान बरामद हुआ था। बरामद की गई चीजों से यह आशंका जताई जा रही है कि उनका इरादा भारतीय सेना पर भीषण हमला करने का था।

बैट में होते हैं आतंकी

गौरतलब है कि बैट यानी बॉर्डर एक्शन टीम एलओसी पर छापामार युद्ध करने में माहिर है और ये पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप के साथ काम करती है। इनमें आतंकी भी शामिल होते हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सेना चार हफ्ते हवाई युद्ध के साथ तकरीबन आठ महीनों ट्रेनिंग भी देती है। वहीं बैट सीमा लांघ कर एक से तीन किमी अंदर जाकर हमले करती है और ये लोग सिपाहियों का सिर काटकर अपने साथ ले जाने के लिए कुख्यात हैं।

जम्मू कश्मीर और राजस्थान सीमा पर हाईअलर्ट जारी

इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जम्मू कश्मीर और राजस्थान सीमा पर हाईअलर्ट जारी किया जा चुका है। वहीं, ऐसी जानकारी भी मिली है कि घुसपैठ की इस साजिश में पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स, आईएसआई, मुजाहिदीन बटालियन, बॉर्डर एक्शन टीम के कमांडो और आतंकी संगठन  जैश-ए-मोहम्मद भी शामिल हैं। इनमें से मुजाहिदीन दस्ते, बॉर्डर एक्शन टीम और आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा पर हमला करने के लिए तैयार किया गया है।

पैरा कमांडोज, मार्कोस और गरुड़ कमांडो तैनात

जबकि पाक सेना ने इन्हें कवर फायर देने के लिए कई जगहों पर भारी हथियार और गोला-बारुद जमा किया है। सबसे पहले मुजाहिदीन दस्ता भारतीय सीमावर्ती चौकी की ओर बढ़ सकता है। यह दस्ता जैसलमेर, जम्मू और पंजाब सीमा पर घुसपैठ का दुस्साहस कर सकता है। युद्ध विराम का उल्लंघन और घुसपैठ की आशंका को देखते हुए भारतीय सेना पूरी तरह सजग है। केरन, गुरेज, माछिल और तंगधार जैसे सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही, जम्मू, पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में बसी आबादी को पीछे जाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सीमा पर सेना पैरा कमांडो, नेवी के मार्कोस और भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो दस्ते तैनात कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान ने पंद्रह सौ से ज्यादा बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया था।

पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा खामियाजा

भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी विष्णु नारायण मिश्रा का कहना है कि केरन में पाकिस्तान पहले भी घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं कि 14 या 15 अगस्त को पाकिस्तान कई भारतीय चौकियों पर फायरिंग कर दे, क्योंकि नए जम्मू-कश्मीर का ढांचा पाकिस्तान को हजम नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और कई किलोमीटर दूर तक पाकिस्तानी सेना खदेड़ दी जाएगी। वहीं बैट या आतंकियों ने घुसपैठ का प्रयास किया तो वे जिंदा वापस नहीं जा सकेंगे।
 
 
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