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फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामला: MP नवनीत राणा और पिता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामला: MP नवनीत राणा और पिता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

महाराष्ट्र में मुंबई की एक अदालत ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में सोमवार को लोकसभा सांसद नवनीत राणा और उनके पिता के खिलाफ नया गैर जमानती वारंट जारी किया. इससे पहले, अदालत ने सितंबर में राणा और उनके पिता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, जिस पर अमल नहीं हुआ. दर्ज शिकायत के मुताबिक राणा और उनके पिता ने कथित तौर पर जाली जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, क्योंकि जिस सीट से वह सांसद निर्वाचित हुई हैं, वह अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है.

मामला सोमवार को सुनवाई के लिए आया तो पुलिस ने अमरावती सांसद और उनके पिता के खिलाफ जारी वारंट की तामील के लिए और समय मांगा. हालांकि, अदालत ने पुलिस के अनुरोध को खारिज करते हुए तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पी.आई. मोकाशी ने दोनों के खिलाफ एक नया वारंट जारी किया.

सुनवाई 28 नवंबर तक के लिए स्थगित
अदालत ने वारंट पर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मामले की सुनवाई 28 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी. मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार राणा और उनके पिता ने कथित तौर पर जाली जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, क्योंकि जिस सीट से वह सांसद निर्वाचित हुई हैं, वह अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है.

हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था जाति प्रमाण पत्र
बंबई हाई कोर्ट ने 2021 में अमरावती की सांसद को जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि यह फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके प्राप्त किया गया था.

एफिडेविट में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला
दरअसल सांसद नवनीत राणा पर आरोप है कि उन्होंने अपने चुनावी एफिडेविट में फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाया था. इस फर्जी सर्टिफिकेट के खिलाफ शिवसेना के पूर्व सांसद आनंदराव अडसूल और सुनील भालेराव ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसके बाद हाईकोर्ट ने जून 2021 में नवनीत राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द किया था. इसके अलावा उनके ऊपर दो लाख का जुर्माना भी लगा दिया था.

 

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