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कोरोना वायरस: माहवारी को टालने के लिए महिलाओं को दी जारहीं गर्भनिरोधक दवाएं

कोरोना वायरस: माहवारी को टालने के लिए महिलाओं को दी जारहीं गर्भनिरोधक दवाएं

पेइचिंग
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे चीन के तौर तरीकों को लेकर महिला कार्यकर्ताओं के बीच गहरा आक्रोश पैदा हो गया है। वे माहवारी संबंधी प्रॉडक्ट न मिलने, खराब फिटिंग वाले सुरक्षात्मक सूट और सिर मुंडवाने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। ऐसी खबरें हैं कि कुछ चिकित्साकर्मियों को उनकी माहवारी को टालने के लिए गर्भ निरोधक दवाएं दी गई है, जिसे लेकर भी आक्रोश पैदा हो गया है।

जब दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने जा रही है तो चीन में महिलाएं इस संकट से निपटने में सरकार के भेदभावपूर्ण कदमों को लेकर एकजुट हो रही हैं। महिला कार्यकर्ताओं को अपने सुरक्षात्मक सूट को संरक्षित रखने के लिए शौचालयों का इस्तेमाल न करने को कहा गया है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क कितना जरूरी?कोरोना वायरस के खौफ के चलते देश में मास्क खरीदने के लिए जबरदस्त मारामारी है। पर सवाल यह है कि हमें मास्क की जरूरत है भी या नहीं? इस विडियो में जानेंगे कि कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना कितना जरूरी है।

शंघाई निवासी 24 वर्षीय जियांग जिनजिंग ने चीन में टि्वटर की तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर इस मुद्दे को उठाया और उन्हें हजारों टिप्पणियां मिल रही हैं। सैनिटरी उत्पादों को दान देने का अभियान शुरू करने वाली जियांग ने कहा, ‘कई महिला चिकित्सा कर्मी संदेश भेज रही हैं कि माहवारी के कारण उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं।’

एक महिला ने उन्हें बताया, ‘सुरक्षात्मक सूट को पहनकर दिनभर खा या पी भी नहीं सकते, सैनिटरी नैपकिन बदलने की बात ही छोड़िए।’ उनके प्रयासों के चलते कई लोग और कंपनियां आगे आई हैं और अब 600,000 से अधिक सैनिटरी पैड और माहवारी से बचाव वाले अंतर्वस्त्र भेज रहे हैं जिन्हें लंबे समय तक के लिए पहना जा सकता है। जियांग ने बताया कि कुछ अस्पताल के अधिकारियों ने सैनिटरी पैड दान देने से इनकार कर दिया क्योंकि वे ‘इस मुद्दे को लेकर पर्याप्त जागरूक’ नहीं हैं।

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