‘जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने की जरूरत…’ आखिर क्यों और किसके रिटायरमेंट को लेकर बोल गए नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की जरूरत पर खुलकर बात करते हुए कहा है कि जब कोई व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तो पुरानी पीढ़ी को पीछे हटकर जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए. गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में राजनीति, उद्योग और संगठनों में युवाओं को आगे लाने को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. नागपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह टिप्पणी विदर्भ-खासदार औद्योगिक महोत्सव के संदर्भ में की.
युवा नेतृत्व को आगे लाने की वकालत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि धीरे-धीरे हर क्षेत्र में पीढ़ीगत बदलाव होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब नई पीढ़ी जिम्मेदारी संभालने लगे और व्यवस्था अच्छे से चलने लगे, तब वरिष्ठों को सम्मानपूर्वक पीछे हट जाना चाहिए. गडकरी के अनुसार, यह बदलाव किसी दबाव में नहीं बल्कि स्वाभाविक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए.
‘अब हमें रिटायर हो जाना चाहिए’
गडकरी ने कहा, ‘आशीष के पिता मेरे मित्र हैं. अब हमें धीरे-धीरे रिटायर होना चाहिए और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए. जब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब हमें भी रिटायर होकर कोई और काम करना चाहिए.’ उनके इस बयान को अनुभव के साथ-साथ युवाओं पर भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
एडवांटेज विदर्भ पहल में युवाओं की भागीदारी
गडकरी ने एआईडी (एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट) के अध्यक्ष आशीष काले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘एडवांटेज विदर्भ’ पहल में युवा पीढ़ी को सक्रिय रूप से शामिल किया है. गडकरी ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी से किसी भी पहल को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है.
एडवांटेज विदर्भ एक्सपो का तीसरा वर्ष
एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक नितिन गडकरी ने बताया कि नागपुर में छह से आठ फरवरी तक आयोजित होने वाला ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है. यह तीन दिवसीय आयोजन विदर्भ क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है.
विदर्भ को औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने का लक्ष्य
गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम और नवाचारी उद्यमी मौजूद हैं. इस एक्सपो का उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है. उन्होंने किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उद्योग, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों तथा सेवा क्षेत्र के संतुलित विकास पर भी जोर दिया.
इन क्षेत्रों के उद्योग होंगे शामिल
‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की भागीदारी होगी. आयोजन के जरिए निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने की उम्मीद जताई जा रही है.
