नेतन्याहू ने तोड़ा ट्रंप का दिल! रह गए अकेले, खुल्लम खुल्ला इजरायल का ऐलान- ‘ईरान में नहीं घुसेगी हमारी सेना’
ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच अमेरिका को इजरायल ने बड़ा झटका दिया है. इजरायल ने साफ कहा है कि ग्राउंड ऑपरेशन के लिए उनकी सेना ईरान नहीं जाएगी. इजरायली मीडिया के मुताबिक यह फैसला देश की अपनी सीमाओं पर सुरक्षा को कायम रखने और दक्षिणी लेबनॉन में हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान पर ध्यान केंद्रित करने के कारण लिया गया है.
अमेरिका को बड़ा झटका
इजरायल ने कहा है कि वह अपने हवाई और समुद्री अभियान को जारी रखेगा, लेकिन ईरान में जमीनी कार्रवाई नहीं करेगा. इजरायल के इस कदम को अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. इस निर्णय से अमेरिका पर जमीन अभियान का पूरा बोझ पड़ सकता है.
इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करता है तो उसे अकेले ही इस मिशन को पूरा करना होगा. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि वह अमेरिका का तकनीकी सहयोग और खुफिया जानकारी के जरिए मदद करता है या नहीं.
इजरायल ने साफ किया रुख
इजरायल ने युद्ध को लेकर अपना रुख ऐसे समय में साफ किया है, जब वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पेंटागन ईरान में जमीनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान और मिडिल ईस्ट में बढ़ती अमेरिकी सैन्य मौजूदगी इस संभावना को और बल दे रहे हैं.
ट्रंप क्या लेंगे फैसला?
अमेरिकी राष्ट्रपति इस ऑपरेशन को शुरू करेंगे या नहीं, यह भी तय नहीं हुआ है. विशेषज्ञों की मानें तो यूएस अगर यह सैन्य अभियान शुरू करता है तो यह जोखिम भरा साबित हो सकता है. अमेरिकी सेना को कई दिनों या इससे ज्यादा समय तक ईरान में रहकर इसे अंजाम देना पड़ सकता है. वॉल स्ट्रीट जर्नल को अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप अमेरिकी आर्मी को होने वाले रिस्क को लेकर विचार कर रहे हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ती है तो वह इसके लिए तैयार हैं.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन मिडिल ईस्ट में 10000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2500 मरीन सहित 3500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं.
