‘न रास्ता खुलेगा, न बात होगी…’, होर्मुज पर अमेरिकी दावे की ईरान ने निकाल दी हवा, ट्रंप को दिखाई आंख
मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है. जंग के मैदान में ईरान ने अपने दुश्मन अमेरिका और इजरायल को सख्त संदेश देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार किया है. ईरान की संसद के डिप्टी स्पीकर के बयान और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है.
ईरान की संसद के डिप्टी स्पीकर ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला जाएगा और अमेरिका के साथ कोई बातचीत न तो हुई है और न ही आगे होगी. उन्होंने यह भी कहा कि संसद के स्पीकर द्वारा बातचीत से जुड़े बयान निराधार हैं और विवाद पैदा करने के लिए दिए गए हैं.
सर्वोच्च नेता के पास है अंतिम निर्णय
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि युद्ध, शांति और बातचीत से जुड़े सभी फैसले ईरान के सर्वोच्च नेता के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और फिलहाल बातचीत के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है. ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर एक नई योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का प्रस्ताव रखा गया है.
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने से वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ा है. तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
ईरानी विदेश मंत्री का बयान
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी साफ किया कि वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं चल रही है, चाहे प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष. उन्होंने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया जिनमें संदेशों के आदान-प्रदान की बात कही जा रही थी.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि मौजूदा सैन्य ऑपरेशन खत्म होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि या तो ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेगा या फिर अमेरिका समर्थित गठबंधन इस मार्ग को खुला सुनिश्चित करेगा.
रक्षा मंत्री और सैन्य तैयारी पर बयान
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि इस जलमार्ग को खुला रखना सिर्फ अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इसके लिए सबसे ज्यादा तैयारी अमेरिका ने ही की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका दो से तीन हफ्तों के भीतर इस संघर्ष से बाहर निकल सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान को किसी समझौते की जरूरत नहीं है और अमेरिका के हटने के बाद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति से उसका कोई लेना-देना नहीं होगा.
