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जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रचंड जीत, पिछली बार से करीब 3 गुना सीटें, फारूक अब्दुल्ला का धारा 370 पर बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रचंड जीत, पिछली बार से करीब 3 गुना सीटें, फारूक अब्दुल्ला का धारा 370 पर बड़ा बयान

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने जबरदस्त वापसी की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2010 के विधानसभा चुनाव में केवल 15 सीटें जीती थीं, लेकिन अब 2024 में पार्टी 41 सीटों पर आगे चल रही है। यह पिछली बार की तुलना में लगभग तीन गुना सीटें हैं, जिससे नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत को प्रचंड कहा जा सकता है।

फारूक अब्दुल्ला का धारा 370 पर बयान

पार्टी की इस ऐतिहासिक जीत पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने खुशी व्यक्त की और इसे जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति पर बड़ा संकेत माना। उन्होंने धारा 370 के हटाए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया, जिसमें कहा कि जनता का जनादेश यह स्पष्ट करता है कि कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 के फैसले (धारा 370 को हटाना) को स्वीकार नहीं करते हैं। अब्दुल्ला के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

उमर अब्दुल्ला होंगे अगले मुख्यमंत्री

इस बड़ी जीत के साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने अपने बेटे उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने का भी ऐलान कर दिया है। उनके इस ऐलान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। उमर अब्दुल्ला की सीएम पद की उम्मीदवारी ने पार्टी के भीतर नई ऊर्जा भर दी है।

एनसी 41 सीटों पर आगे

चुनाव के नतीजों के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। एनसी 41 और कांग्रेस 6 सीटों पर आगे है, जिससे गठबंधन कुल 51 सीटों पर मजबूत बढ़त बना चुका है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 28 सीटों पर आगे चल रही है।

बीजेपी के खिलाफ जनादेश

फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी को मिली जीत के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि जनता का जनादेश भाजपा के खिलाफ है और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्यपाल से अपील की कि वे लोगों के फैसले का सम्मान करें और कोई राजनीतिक ‘जुगाड़’ न करें। अब्दुल्ला ने कहा, “राजभवन और केंद्र को यह स्वीकार करना चाहिए, जैसे हमने संसदीय चुनावों के नतीजों को स्वीकार किया था।”

इस जीत से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर से अपनी मजबूत स्थिति बना ली है और आगे क्या राजनीतिक समीकरण बनते हैं, यह देखने योग्य होगा।

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