
यू.पी. बजट 2026-27 से एमएसएमई सेक्टर को बड़ी उम्मीदें
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को लेकर आगामी यू.पी. बजट 2026-27 से उद्योग जगत को कई अहम अपेक्षाएं हैं। रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक विकास में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार से ठोस बजटीय प्रावधानों की मांग की गई है।
उद्योग संगठनों का कहना है कि एसएमई ग्रोथ फंड के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा बढ़ाई जाए, जिससे छोटे उद्योगों को सस्ती फंडिंग मिल सके। इसके साथ ही सरकारी भुगतान में देरी रोकने के लिए जीईएम और टीआरईडीएस सिस्टम का अनिवार्य एकीकरण लागू करने की मांग भी प्रमुख है। प्रदेश के लगभग 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण हेतु विशेष बजट प्रावधान किए जाने की जरूरत बताई गई है। सहारनपुर के लिए बजट में विशेष ध्यान दिए जाने की मांग करते हुए कहा गया है कि लकड़ी नक्काशी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस स्कीम लागू की जाए।
