
काफिला रोकने के विवाद के बाद एक्शन में आए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, 30 दिन में काम पूरा करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के सभी घरों तक 30 दिन के भीतर जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत काम कर रही कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर 30 दिन के भीतर काम पूरा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही की जाएगी.
जल शक्ति मंत्री ने यहां जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में विंध्य और बुंदेलखंड के जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने दोनों ही क्षेत्रों में धीमी गति से कार्य कर रही बीजीसीसी और एल एंड टी के कामकाज पर नाराजगी जताई.
समय पर नहीं हुआ काम तो होगी कार्रवाई
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि “अगर तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी के मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई के बाद जेल भेजा जाएगा.” उन्होंने ये यह सख्त निर्देश हाल ही में अपने बुंदेलखंड के दौरे पर जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में खामियों को लेकर चरखारी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बृजभूषण राजपूत और स्थानीय नागरिकों द्वारा किए गए विरोध के बाद दिये हैं.
जलशक्ति मंत्री ने समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र की सभी परियोजनाओं की समीक्षा की गई. इसमें 4-5 योजनाओं को छोड़कर सभी योजनाओं का कार्य 100 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है.
समीक्षा बैठक में स्वतंत्र देव सिंह के कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक में सिंह ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंता और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो जनप्रतिनिधियों को हर स्थिति से अवगत कराएं. उन्हें योजना के तहत हो रहे कार्यों की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए. उन्होंने ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिये. साथ ही जिले के अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों के बीच जाकर समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें.
