उत्तराखंड में खनन विभाग ने रचा इतिहास, 1217 करोड़ की राजस्व कमाई कर तोड़े सारे रिकॉर्ड
उत्तराखंड के खनन विभाग ने इस बार कमाल कर दिखाया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने न सिर्फ अपना लक्ष्य पार किया, बल्कि अब तक के सारे रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए. 950 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, यानी लक्ष्य से करीब 28 फीसदी अधिक.
खनन विभाग ने 875 करोड़ के विरुद्ध 1041 करोड़ कमाए
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 1041 करोड़ रुपये की कमाई की थी. यानी लगातार दो साल से खनन विभाग अपेक्षाओं से कहीं आगे निकल रहा है. वहीं इसकी पृष्ठभूमि इन आंकड़ों को और भी प्रभावशाली बनाती है. साल 2012-13 में उत्तराखंड का खनन राजस्व महज 110 करोड़ रुपये था. 13 साल में यह रकम ग्यारह गुना से भी ज्यादा हो गई है.
इस 1217 करोड़ रुपये की राशि को तीन हिस्सों में बांटा गया है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 1130 करोड़ रुपये, सीधे राज्य के कोषागार में गया. इसके अलावा जिला खनिज फाउंडेशन न्यास को 80 करोड़ और एसएमईटी को सात करोड़ रुपये मिले. जिला खनिज फाउंडेशन की यह राशि उन इलाकों के विकास में लगाई जाती है जो खनन गतिविधियों से प्रभावित होते हैं.
राज्य सरकार ने 4 जिलों में लगाए 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी भूमिका तकनीक की रही. राज्य सरकार ने Mining Digital Transformation and Surveillance System के तहत चार मैदानी जिलों में 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट लगाए. इन गेटों ने खनन सामग्री की आवाजाही पर चौबीसों घंटे नजर रखना शुरू किया, जिससे अवैध परिवहन की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई. इसके साथ ई-रवन्ना प्रणाली को और मजबूत किया गया. इसमें विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए ताकि फर्जी परमिट बनाने या उनके दुरुपयोग की संभावना न रहे.
नतीजा सामने है की अवैध खनन पर लगाम लगी और राजस्व में उछाल आया. इन डिजिटल सुधारों की तारीफ दिल्ली में भी हुई, जहां नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में विभाग को प्रतिष्ठित स्काच अवार्ड से नवाजा गया. उत्तराखंड के खनन विभाग की इस कामयाबी को केंद्र सरकार ने भी सराहा. केंद्रीय खान मंत्रालय ने विभाग को दो अलग-अलग मदों में कुल 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी, जिसमें 100 करोड़ सामान्य प्रदर्शन के लिए और 100 करोड़ माइनिंग इंडेक्स में बेहतर रैंकिंग के लिए है.
खनिज नीति में हुए बदलावों ने वैध खनन को दिया बढ़ावा
खनन पट्टों के आवंटन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया. खनिज नीति और नियमावली में किए गए बदलावों ने वैध खनन को बढ़ावा दिया, साथ ही अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाई. जब व्यवस्था साफ-सुथरी होती है तो कारोबारी भी नियमों के दायरे में काम करना पसंद करते हैं. यही इस सफलता की असली वजह है.
खनन विभाग का यह प्रदर्शन उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए बड़े मायने रखता है, जहां राजस्व के स्रोत सीमित हैं. 1217 करोड़ रुपये की यह कमाई राज्य की विकास योजनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी.
