केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम’ को लेकर मेगा कैंप आयोजित
- आरबीआई मना रहा है वित्तीय साक्षरता सप्ताह, ग्रामीणों को किया जा रहा है जागरूक
- पुंवारका ब्लॉक के छजपुरा गांव में आरबीआई के एलडीओ, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम ने ग्रामीणों को किया संबोधित
- क्रिसिल फाउंडेशन के सहयोग से केवाईसी, सीकेवाईसी व मनीम्यूल की दी गई जानकारी
सहारनपुर। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मनाए जा रहे वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत ‘केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम’ विषय पर पुंवारका ब्लॉक के ग्राम छजपुरा में एक मेगा कैंप आयोजित किया गया, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कैंप को भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ ऋषभ सक्सेना, डीडीएम नाबार्ड साद बिन अफरोज, एलडीएम कृष्णाणु दास, क्रिसिल फाउंडेशन की कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर शीजा खानम और आरसेटी निदेशक ने संबोधित किया। इस दौरान ग्रामीणों को न केवल वित्तीय रूप से साक्षर किया गया, बल्कि केवाईसी, सीकेवाईसी, खाता स्वच्छता व मनीम्यूल की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कैंप को संबोधित करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ ऋषभ सक्सेना ने केवाईसी और री-केवाईसी की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि धोखेबाज हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जीवन भर की कमाई डुबो सकती है। उन्होंने आरबीआई के हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया।
डीडीएम नाबार्ड साद बिन अफरोज ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह घर को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत ताला जरूरी है, उसी तरह बैंक खाते को सुरक्षित रखने के लिए केवाईसी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना था।
एलडीएम कृष्णाणु दास ने कहा, “‘अपने ग्राहक को जानें’। यह सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आपके और बैंक के बीच विश्वास का रिश्ता है। अपडेटेड केवाईसी आपके खाते को किसी भी प्रकार के फ्रॉड से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।” उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बिना किसी देरी के अपने बैंक खातों की केवाईसी पूरी कराएं।
क्रिसिल फाउंडेशन की कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर शीजा खानम ने बचत, बजट और निवेश के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनने के गुर सिखाए। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को खातों में नॉमिनी बनाए जाने के फायदे भी बताए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने खातों की केवाईसी जरूर करा लें। उन्होंने सी-केवाईसी के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि यदि एक खाते की सी-केवाईसी करा ली जाए, तो सभी खातों की केवाईसी स्वतः ही हो जाती है।
आरसेटी के डायरेक्टर दीपक कुमार ने युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि उनके सेंटर में सैकड़ों स्किल प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जिनके माध्यम से रोजगार स्थापित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर एफएलसी सैयद शान हुसैन, सीएफएल पुंवारका के प्रबंधक कंवरपाल सिंह, इंडियन ओवरसीज बैंक के ब्रांच मैनेजर, ग्राम प्रधान बीना सैनी, फील्ड कोऑर्डिनेटर अनिल कुमार, धनपाल व शिवकुमार के अलावा गांव के गणमान्य नागरिक और आसपास के बैंकों के शाखा प्रबंधक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
‘मोबिलिटी एटीएम वैन’ रही लोगों के ध्यान का केंद्र
वित्तीय साक्षरता कैंप के दौरान एटीएम वैन का भी डिस्प्ले किया गया। नाबार्ड की ओर से एटीएम मोबिलिटी वैन को लेकर स्पेशल ड्राइव चलाई जा रही है। डीडीएम नाबार्ड साद बिन अफरोज ने बताया कि जिला सहकारी समितियों को डिजिटाइज्ड किया जा रहा है, जिसके चलते सहकारिता बैंक द्वारा मोबिलिटी एटीएम वैन का संचालन किया जाएगा, जिससे बैंक वित्तीय समावेशन के लिए खुद घर-घर तक पहुंचेगा।
