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मेरठ महायोजना-2031: मेरठ में बसेगी दूसरी दिल्ली, एनसीआर का प्रमुख केंद्र बनेगा शहर

मेरठ को अगले दस वर्षों में एनसीआर का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है। शहरवासियों को विकास की रफ्तार और रोजगार से जोड़ने के लिए बृहस्पतिवार को मेरठ महायोजना-2031 का खाका तैयार किया गया।

बाईपास स्थित एक होटल में एमडीए द्वारा आयोजित कार्यशाला में शहर के व्यापारियों, उद्यमियों और प्रबुद्धजनों से सुझाव लिए गए ताकि महायोजना-2031 के लिए पहले चरण में जुलाई-2020 तक बनाए जाने वाले ड्राफ्ट में उन सुझावों पर ध्यान दिया जा सके। महायोजना में शहर का इंडस्ट्री, एजुकेशन, ट्रांसपोर्ट और टूरिज्म जोन में विकास होगा। जाम से मुक्ति के लिए रैपिड और मेट्रो रेल के अलावा एक्सप्रेसवे और इनर व आउटर रिंग रोड को भी शामिल किया जाएगा।

महायोजना-2031 के लिए आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने कहा कि अब एक क्लिक से पता चल जाएगा कि शहर में कहां, किस जमीन का क्या भू-उपयोग है। महायोजना को इस बार जियोग्राफिकल इंफोरमेशन सिस्टम से बनाया जा रहा है। इसके लिए हैदराबाद की नेशनल रिमोट सेंसिंग टीम काम कर रही है, जो शहर का सर्वे कर रिपोर्ट देगी। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि मेरठ विकास के क्षेत्र में नई छलांग लगाने के लिए तैयार है। यहां इनर रिंग रोड, आईटी पार्क, एक्सप्रेसवे शहर के विकास को रफ्तार देने में सफल साबित होंगे।

सहभागिता से मिलेगी सफलता
महायोजना-2031 की प्लानर कंपनी दिल्ली की ऑलमंड ग्लोबल कंपनी की एचओडी बीना ने कहा कि इस प्लान को तैयार करने में जिले के सभी विभागों को साथ लेकर चलना होगा। इससे पूर्व कार्यशाला का कमिश्नर ने शुभारंभ किया। इस दौरान वीसी एमडीए राजेश कुमार पांडेय, सचिव प्रवीणा, मुख्य अभियंता दुर्गेश प्रसाद श्रीवास्तव, मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद, पीपी सिंह आदि मौजूद रहे।

meerut development – फोटो : अमर उजाला
मेरठ में बसेगी दूसरी दिल्ली
प्रदेश के मुख्य नगर नियोजक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महायोजना-2031 जनसंख्या के आधार पर बनेगी। कूड़ा निस्तारण, सीवरेज प्लान इसमें शामिल होंगे। यह अच्छे संकेत हैं कि इस बार ड्राफ्ट तैयार करने से पहले ही सुझाव लिए गए हैं।

जनवरी 2021 में प्लान शासन के पास भेजा जाएगा। श्रीवास्तव ने कहा कि मेरठ एनसीआर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रैपिड और मेट्रो चलने व एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली के काफी लोग यहां शिफ्ट होंगे। इससे प्रॉपर्टी के रेट भी बढ़ेंगे।

कॉलोनियों में हो कूड़ा ढलाव व्यवस्था
एमडीए जहां अपनी कॉलोनियां बसाता है, उस स्थान पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी करनी चाहिए। जिससे शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके। -सुनीता वर्मा, महापौर  

बस अड्डे बाहर हों
महायोजना-2021 में शामिल कई योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। योजनाओं को परवान चढ़ाने के लिए बस अड्डे बाहर होने चाहिए। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए प्लान तैयार होने चाहिए। -हर्ष गोयल, सांसद प्रतिनिधि

हवाई अड्डा बने
वर्षों से हम हवाई अड्डा मांग रहे हैं। लेकिन नहीं मिल पाया है, इसलिए महायोजना-2031 बनाते समय ध्यान रखें कि जिन योजनाओं को पूरा कर सकते हैं उन्हें ही शामिल करें। -डॉ. सोमेंद्र तोमर, दक्षिण विधायक 

प्रमुख सुझाव
96 हजार करोड़ रुपये से मेरठ और आसपास के क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे मेरठ आने वाले समय में नया ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है। -कमल ठाकुर, महामंत्री रियल एस्टेट डेवलपर्स 

महायोजना-2031 में मवाना और हस्तिनापुर के शामिल होने वाले 53 गांवों के विकास के लिए मैं हस्तिनापुर में इंडस्ट्री के लिए सभी व्यापारियों को आमंत्रित करता हूं। -दिनेश खटीक विधायक हस्तिनापुर

देश के 61 शहरों में मेरठ का चयन किया गया है। अमृत योजना में बनाई जा रही इस महायोजना में जरूर मेरठ आगे निकलेगा। इससे शहर का विकास तेज गति से होगा। -जितेंद्र सतवई, विधायक सिवालखास 

हस्तिनापुर में लगाएं इंडस्ट्री
राजधानी दिल्ली की तर्ज पर भू-उपयोग के विरुद्ध हुए निर्माणों को सबका साथ सबका विकास के आधार पर क्षम्य किया जाए। शहर में जलनिकासी और जलभराव की समस्या के निदान के लिए वर्ष 1911 में योजना बनी थी। लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ी। जबकि बारिश में पूरा शहर डूब जाता है। -अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक

शहर में बने मंडप नगर
मेरठ मंडप एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता मारवाड़ी ने मंडप नगर बनाने का सुझाव रखा। वहीं, मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने हापुड़ अड्डा चौराहे से काली नदी तक सड़क के दोनों ओर हो रहे व्यावसायिक भू-उपयोग के परिवर्तन का मामला रखा।

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