आकाश आनंद के ससुर को लेकर मायावती का बड़ा फैसला, 2027 के चुनाव से पहले दी अहम जिम्मेदारी

आकाश आनंद के ससुर को लेकर मायावती का बड़ा फैसला, 2027 के चुनाव से पहले दी अहम जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती लगातार एक्शन मोड में हैं. बसपा सुप्रीमो ने आगामी चुनाव को लेकर प्रदेश स्तर पर पार्टी संगठन मे बड़े बदलाव किए हैं. खास बात  ये हे कि मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर डॉ. अशोक सिद्धार्थ पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए अहम जिम्मेदारी दी है.

बसपा सुपीमो मायावती ने पार्टी संगठन में बदलाव करते हुए बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद डॉ अशोक सिद्धार्थ को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए दिल्ली समेत गुजरात, छत्तीसगढ़ और केरल राज्य का केंद्रीय प्रभारी बनाया है. इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है.

बसपा सुप्रीमो ने किए कई बड़े बदलाव

नए बदलावों के तहत पूर्व एमएलसी नौशाद अली का कद अब और बढ़ गया हैं. बसपा ने उन्हें लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ मंडल की जिम्मेदारी दी है. इसके साथ ही उन्हें मुरादाबाद और बरेली मंडल के साथ उत्तराखंड का भी प्रभार दिया गया है. दिल्ली समेत चार राज्यों के प्रभारी रहे राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम की जिम्मेदारियां कम की गई हैं. उन्होंने कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र सौंपे गए हैं.

मायावती ने डॉ लालजी मेधंकर को ओडिशा और बंगाल, सुमित सिंह को राजस्थान, गिरीश चंद्र को उत्तराखंड, राजाराम को बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड का प्रभारी बनाया गया है. रणधीर सिंह बेनीवाल को पंजाब, हरियाणा, नितिन सिंह को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बनाया गया है.

आकाश आनंद के ससुर हैं डॉ अशोक

पार्टी में किए गए इन बदलावों के बाद सबसे ज्यादा डॉ अशोक सिद्धार्थ के नाम की चर्चा की जा रही हैं. जिन्हें मायावती ने सबसे अहम राज्यों की जिम्मेदारी दी है. दिलचस्प बात ये हैं कि ये वहीं डॉ अशोक सिद्धार्थ हैं जिन्हें बीते साल मायावती ने अनुशासनहीनता और गुटबाजी के आरोप में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. लेकिन, कुछ महीनों बाद ही उनकी वापसी हो गई. डॉ अशोक की बेटी मायावती के भतीजे आकाश आनंद की पत्नी हैं.


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