मौलाना भोले भाले मुसलमानों को उकसाने का काम करते हैं: राव मुर्शरफ

मौलाना भोले भाले मुसलमानों को उकसाने का काम करते हैं: राव मुर्शरफ
  • मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली पुंडीर ने की मांग

देवबंद [24CN]: इस्लामिक शिक्षण संस्था दारूलउलूम द्वारा कराए जा रहे सम्मेलन पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली पुंडीर ने प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उत्तर प्रदेश के मदरसा संचालकों का यह सम्मेलन 18 सितंबर को होगा इससे पहले दारुल उलूम द्वारा 25 सितंबर को इसके आयोजन की घोषणा की थी जिसे अब इसे बदल कर 18 सितंबर कर दिया गया है’

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली पुंडीर ने कहा की देवबंद में जब भी उलेमाओं का बड़ा सम्मेलन होता है तो देश और प्रदेश के मौलानाओं को बुलाकर देवबंद में जहरीले और नफरत भरे बयान दिये जाते हैं। इस से देश और प्रदेश में कट्टरवाद फैलता है और अशांति का माहौल हो जाता है। देश में कहीं ना कहीं इनके बयानों की वजह से बड़ी घटनाएं भी हो जाती हैं।
राव मुशर्रफ अली ने कहा कि मौलाना भोले भाले मुसलमानों को उकसाने का काम करते हैं, इसलिए 18 सितंबर को मदरसों के सर्वे के विरोध में होने वाले सम्मेलन पर प्रतिबंध लगना अति आवश्यक है’

राव मुशर्रफ अली पुंडीर ने कहा कि भारत सरकार की ओर से किसी भी संप्रदाय को धार्मिक शिक्षा देने का अधिकार नहीं है सिख, ईसाई, जैन सनातन, बौद्ध मुस्लिम कोई भी हो भारत में संविधानिक नियम है’ शिक्षा का अधिकार कानून बना हुआ है जिसमें 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चे को अनिवार्य शिक्षा दिये जाना आवश्यक है संवैधानिक रूप से सभी बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए।

कहा कि मदरसा बोर्ड द्वारा जो मदरसे चल रहे हैं उनमें शिक्षा का अधिकार कानून का उल्लंघन हो रहा है मदरसों में शिक्षा का कानून लागू नहीं हो रहा है और धार्मिक इस्लामी शिक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार और भारत सरकार मदरसा बोर्ड पर तत्काल रोक लगाएं मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे समाज से कटे रहते हैं’ फिर अलगाववादी और कट्टरपंथी बन जाते हैं इन्हीं में से  आंतकवादी पैदा होते हैं क्योंकि हिंदुस्तान पर जो हमलावर रहे हैं उनको हीरो बनाकर पढ़ाया जाता है।