मदरसे दीन के किले हैं। जिनसे अच्छे और सच्चे इंसान बनकर निकलते है: मौलाना अरशद मदनी
- कार्यक्रम के दौरान दौर-ए-हदीस व मुफ्ती का कोर्स पूरा करने वालों छात्रों की कि गई दस्तारबंदी
देवबंद [24CN]: मदरसा दारुल उलूम जकरिया में शुक्रवार को आयोजित छात्रों की दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौलाना अरशद मदनी सहित उलमा ने दौर-ए-हदीस व मुफ्ती का कोर्स पूरा करने वालों छात्रों की दस्तारबंदी की। वही एक छात्र का निकाह भी पढ़ाया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुऐ मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मदरसे दीन के किले हैं। जिनसे अच्छे और सच्चे इंसान बनकर निकलते हैं। जो दुनिया के कोने कोने में पहुंच कर ज्ञान बांटने का काम कर रहे हैं। मौलाना मदनी ने छात्रों को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ भी पढ़ाया। संस्था के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान कासमी ने कहा कि फारिग होने के बाद छात्रों की जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। उन्हें बाहर निकल कर तालीमी क्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। जिससे घबराने की जरुरत नहीं है। शुरुआत छात्र मो. उमर की नात-ए-पाक से हुई। अंत में मुफ्ती मुंतजिर-उल-हसन ने दुआ कराई। इसमें मुफ्ती हारून, मुफ्ती शाहनूर खान, मौलाना नोमान हमद, कारी मो. सलमान, कारी अम्मार, कारी फारुख, अजीम आदि मौजूद रहे।
