
भगवान राम लक्ष्मण ने राक्षसो का वध करके ऋषि मूनियो के यज्ञ को निवघ्न संपन्न कराया
- फोटो रामलीला मंचन करते कलाकार
नकुड 8 अप्रैल इंद्रेश। नगर म ेचल रही रामलीला मे कलाकारो ने भगवान राम की बाललीला के साथ ही महर्षि विश्वामित्र द्वारा राक्षसो से यज्ञ को बचाने के लिये राम व लक्षमण को अपने साथ ले जाने की लीला का मार्मिक मंचन किया। साथ ही अहिल्या उद्धार , व ताडका वघ के प्रसंगो ने भी दर्शको को भावुक कर दिया।
राक्षसो के उपद्रवो से यज्ञ को बचाने के लिये ब्रहमऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से मदद लेने के लिये आये तो राजा ने विश्वामित्र को पूरी मदद करने का आश्वासन दिया। ऋषि ने यज्ञ की सुरक्षा के लिये राम व लक्षमण को मांगा तो महाराजा दशरथ दुविधा मे पड गये। कहां एक ओर दुर्दांत राक्षस ओर कहंा कोमल से शरीर वाले राजकुमार राम व लक्षमण। राजा ने ऋषि को अपनी सारी सेना यज्ञ की सुरक्षा के लिये देने को कहा। पंरतु विश्वामित्र ने दोनो राजकुमारो को ही ले जाने का निश्चय राजा को बातया। महर्षि वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ ने राम व लक्षमण को यज्ञ की सुरक्षा के लिये विश्वामित्र के साथ भेज दिया।
रास्ते में विश्वामित्र ने भगवान राम से अहिल्या का उद्धार कराया। विश्वामित्र के आश्रम पर यज्ञ की सुरक्षा करते हुए भगवान राम ने ताडका का वध कर दिया। साथ मारिच सहित सभी राक्षसो को भगा दिया। जिससे ऋषि मूनियो के यज्ञ सरक्षित संपन्न हो ने लगे। वे सभी प्रशन्न हो गये। इससे पूर्व नगरपालिका के सभासद मित्रपाल, विपिन पाल, सुशील धीमान, पंकज सैनी, ने भगवान श्री राम की आरती उतार कर व दीप प्रज्जवलित कर लीला का शुभारंभ किया।
रामलीला मे भगवान राम की भूमिका मे बंसत सैनी , जतिन न लक्षमण व अरूण धनगर ने मारिच , ताडका की भूमिका में कृष्णलाल भटनागर , राजादशरथ की भूमिका मे धर्मपाल सैनी के अभिनय को दर्शको ने खूब सराहा। इस मौके पर महोत्सव समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज जैन, राजेश जैन, प्रधान हरीश गर्ग, वरूण मिततल, विजेंद्र नारायण, विजय त्यागी, नवदीप मिततल, राजन शमा्र्र राजकुमार प्रजापति मनोज गोयल आदि उपस्थित रहे ।
