रेलवे निजीकरण के विरोध में मजदूर यूनियन का रोष प्रदर्शन
- सहारनपुर में मांगों के समर्थन प्रदर्शन करते रेल कर्मचारी।
सहारनपुर। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन, नई दिल्ली के महामंत्री के आह्वान पर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ चल रहे रोष सप्ताह के तहत बुधवार को खलासी लाइन रेलवे इंस्टिट्यूट के पास स्थित वर्कशॉप में रोष दिवस मनाया गया। यूनियन पदाधिकारियों ने उपेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे के विभिन्न कार्यों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक सिग्नल, इंजन-कोच रिपेयर, एसी कोच मेंटेनेंस, टिकट बुकिंग व आरक्षण जैसे कार्य ठेके पर दिए जा रहे हैं, जो कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कोविड काल में रोकी गई महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का भुगतान, ठेकेदारी प्रथा पर रोक, रिक्त पदों को भरने, कार्यभार के अनुसार नए पद सृजित करने और आठवें वेतन आयोग में 3.5 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की।
इसके अलावा अप्रेंटिस युवाओं को नौकरी देने, वर्दी भत्ता 10 हजार रुपये करने, लंबित रिस्क भत्ते का भुगतान, पदों की अपग्रेडिंग तथा रेलवे आवासों की जर्जर स्थिति सुधारने की मांग भी उठाई गई। गेट मीटिंग में उपेंद्र गुप्ता, बाबूराम, रविन्द्र, सुरेन्द्र, राजेन्द्र, गुरदीप, विवेक कुमार, बालकिशन, रवि मेहरा, संजय, राजन वत्स, मनोज सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
