‘केशव प्रसाद मौर्य को होना चाहिए CM’, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने की डिप्टी सीएम की तारीफ

‘केशव प्रसाद मौर्य को होना चाहिए CM’, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने की डिप्टी सीएम की तारीफ

प्रयागराज के माघ मेले में पालकी विवाद के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ की और कहा कि वो समझते हैं कि अफसरों से गलती हुई है. ऐसे ही व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए. जो जिद पालकर बैठा हो उसे सीएम नहीं बनना चाहिए. इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई.

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी तक से बातचीत में ये बड़ा बयान दिया है. उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य को सीएम पद का हकदार मानते हुए कहा- “ये डिप्टी सीएम समझदार है. वो समझता है कि अफसरों से गलती हुई है और इस तरह मामले को बढ़ाना नहीं चाहिए, इसे समेटना चाहिए. उन्हें पता है कि इससे पार्टी को नुक़सान हो रहा है. इसलिए वो ऐसा बयान दे रहा है.”

केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ की

स्वामी अमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री होना चाहिए, समझदार व्यक्ति मुख्यमंत्री होना चाहिए. जो अकड़ में बैठा हो और जो जिद पालकर बैठा हो या जिसके मन में बदले की भावना जिसके हृदय में जल रही हो उसे मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहिए. शंकराचार्य के विपक्षी दलों के साथ आने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि अगर वो पास आ रहे हैं तो भाजपा क्यों नहीं आ रही है. क्या हमने उन्हें रोका है.

शिविर के बाहर शंकराचार्य का धरना जारी

दरअसल मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थक और पुलिस प्रशासन आमने सामने आ गए थे, जिसके बाद शंकराचार्य ने संगम में स्नान नहीं किया. यहीं नहीं तभी से वो अपने शिविर के बाहर धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं. मौनी अमावस्या के बाद उन्होंने बसंत पंचमी का स्नान भी नहीं किया और उनका धरना लगातार जारी है. अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि जब तक उन्हें ससम्मान स्नान के लिए नहीं ले जाया जाएगा वो तब तक यहीं धरने पर बैठे रहेंगे.

केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?

बता दें कि इस पूरे विवाद पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद का बयान सामने आया था. उन्होंने शंकराचार्य को प्रणाम करते हुए उनसे संगम में स्नान करने का निवेदन किया था. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में संत का अपमान करने की परंपरा नहीं है. यदि ऐसा हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. हालांकि उनके इस बयान से कुछ समय पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कालनेमि वाला बयान दिया. जिसके बाद प्रदेश की सियासत और गरमा गई.