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संसद में विपक्ष के रवैये पर कंगना रनौत का हमला, प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सदन की मर्यादा पर उठाए सवाल

संसद में विपक्ष के रवैये पर कंगना रनौत का हमला, प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सदन की मर्यादा पर उठाए सवाल

लोकसभा में चल रहे सियासी घमासान के बीच बीजेपी की महिला सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग किए जाने पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. कंगना ने विपक्ष के रवैये को न सिर्फ संसद, बल्कि पूरे देश के लिए शर्मनाक बताया.

कंगना रनौत ने कहा, “विपक्ष सभी सीमाएं लांघ रहा है. सिर्फ संसद ही नहीं, पूरा देश शर्मिंदा महसूस कर रहा है. आपने कल देखा कि राहुल गांधी किस तरह एक अवैध और अनधिकृत किताब लेकर आए और न्यायपालिका का अपमान किया. पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस ने आज कहा है कि वह किताब पूरी तरह से अवैध और अनधिकृत है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और संसद की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई जा रही है.

अध्यक्ष पर कागज फेंकने का आरोप

कंगना रनौत ने विपक्ष पर और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “विपक्ष का यह रवैया. मैं कहती हूँ कि उनकी अपनी पार्टी को भी शर्म आनी चाहिए. प्रधानमंत्री जी के ख़िलाफ हर तरह की साजिश रची जा रही है. आपने देखा कि किस तरह अध्यक्ष महोदय पर कागज फेंके गए, उनके टेबल पर चढ़कर उन पर सीधे हमला करने की कोशिश की गई.”

प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर चिंता

बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में अगर प्रधानमंत्री जी सदन में आते हैं, तो क्या गारंटी है कि उनके हाथों से कागज नहीं छीने जाएँगे, उनके चेहरे पर कागज नहीं फेंके जाएँगे? जब कोई उनकी सीट पर खड़ा होगा, तो क्या उनके साथ धक्का-मुक्की नहीं होगी? हमें इन बातों की स्पष्ट गारंटी चाहिए, तभी प्रधानमंत्री का वहाँ आना संभव हो सकता है.”

कंगना ने आगे कहा, “यह बेहद जरूरी है. यह समय की माँग है. जैसा कि मैंने पहले भी कहा, जब वे अध्यक्ष महोदय के चेहरे पर कागज मार सकते हैं, तो हम लोग कल यही चर्चा कर रहे थे कि यदि वे प्रधानमंत्री जी के हाथों से कागज छीन लें, उन पर कागज फेंक दें या उनके साथ धक्का-मुक्की करें, तो क्या होगा?”

महिलाओं को आगे करने पर भी आपत्ति

अपने बयान में कंगना रनौत ने कहा, “खास तौर पर जब वे महिलाओं को आगे करके यह सब कर रहे हैं, तो फिर संसद, देश और संविधान की गरिमा का क्या बचेगा? इसलिए हमें इस बात पर स्पष्टता चाहिए कि आज जब ये लोग इतने हिंसक हो चुके हैं, तब प्रधानमंत्री जी के सामने सदन में सुरक्षा और मर्यादा किस तरह सुनिश्चित की जाएगी.”

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