LPG की कमी पर कैराना सांसद इकरा हसन का बड़ा बयान, कहा- हमें यह भी नहीं पता कि…
ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी और एलएनजी की कमी की शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश स्थित कैराना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद इकरा हसन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. इकरा के अलावा गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने भी कहा है कि लोग इस सरकार के फैसलों से परेशान हो चुके हैं.
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा, ‘एलपीजी की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं. हमें कई जगहों से कमी की जानकारी मिल रही है. हमें यह भी नहीं पता कि हमें कच्चा तेल मिलेगा या नहीं. यह हमारी सरकार की विदेश नीति की विफलता है. मुझे नहीं पता कि सरकार की ऐसी क्या मजबूरियां हैं कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया है और अमेरिका हमें रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर निर्देश दे रहा है. हमें ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति अपनानी चाहिए, लेकिन आज सरकार देश को बेचने का काम कर रही है.’
वहीं, कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, ‘इस सरकार के गलत फैसलों से आम लोग परेशान हो चुके हैं. जब ये लोग सत्ता में आए थे तो कहते थे कि इस देश में गैस सिलेंडर 400 रुपये का है. आज 1200 रुपये का सिलेंडर भी उपलब्ध नहीं है. लोग इससे निराश हैं. यह सिर्फ गैस की बात नहीं है, हर चीज महंगी होती जा रही है. इस कठिन स्थिति में भी नेता कुछ कहने को तैयार नहीं हैं.’
नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर 2026 भी जारी
उधर, आरोप-प्रत्यारोपों के बीच देश में रसोई गैस की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. होटलों और रेस्तरां में कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों के बीच सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज (ईसी) एक्ट लागू कर दिया है, ताकि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके.सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाएं.
इसके साथ ही इन इकाइयों को प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को एलपीजी पूल की ओर डायवर्ट करने के लिए कहा गया है, ताकि घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और सप्लाई स्थिर बनी रहे.इसी के साथ सरकार ने नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर 2026 भी जारी किया है. इस आदेश के तहत प्राकृतिक गैस, एलएनजी और री-गैसिफाइड एलएनजी के उत्पादन और अलग-अलग सेक्टरों में उसके आवंटन को नियंत्रित किया जाएगा.
