नीतीश के समर्थन में उतरे JDU, RJD, कांग्रेस और जाप नेता, दिया अजीबोगरीब तर्क; सोनिया-थरूर के रिश्ते का भी किया जिक्र
- बिहार में विवादित बयान पर नीतीश कुमार द्वारा सदन में माफी मांगने के बावजूद राजनीति गरमाई रही। भाजपा के विरोध के बीच महागठबंधन के सहयोगी दल जदयू राजद और कांग्रेस के अलावा जन अधिकार पार्टी (जाप) के नेता नीतीश कुमार के समर्थन में उतर गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि भाजपा को किसी भी मुद्दे पर राजनीति के सिवा कुछ नहीं आता है।
पटना। बिहार में मंगलवार को महिलाओं को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के बयान के बाद बुधवार को राजनीति जारी रही। भाजपा के विरोध के बीच महागठबंधन के सहयोगी दल जदयू, राजद और कांग्रेस के अलावा जन अधिकार पार्टी (जाप) के नेता नीतीश कुमार के समर्थन में उतर गए।
क्या सोनिया-थरूर के रिश्ते के लिए मांगी थी माफी?
मुख्यमंत्री के समर्थन में उतरे राजद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोनिया गांधी-शशि थरूर की दोस्ती के लिए गाली की भाषा के इस्तेमाल पर माफी मांगी थी
राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोग भूले नहीं हैं किस प्रकार प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी की बहू और राजीव गांधी की पत्नी के लिए जर्सी गाय जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी बात के लिए बड़प्पन दिखाते हुए खेद प्रकट कर दिया है।
भाजपा को सिर्फ राजनीति करनी आती है
कांग्रेस भाजपा के आरोपों के बीच कांग्रेस ने उस पर पलटवार किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि भाजपा को किसी भी मुद्दे पर राजनीति के सिवा कुछ नहीं आता है।
कई बार किसी भी व्यक्ति से बोलने के क्रम में चूक हो जाती है। मुख्यमंत्री का बड़प्पन है कि उन्होंने सदन में खड़े होकर खेद प्रकट किया है।
वहीं, नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता व सांसद ललन सिंह ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर अजीबोगरीब तर्क दिया है। उन्होंने बचाव में कहा कि सीएम ने क्या गलत कह दिया? सभी जानते हैं कि लड़का-लड़की की शादी क्यों होती है। उन्होंने कहा कि आखिरकार वंश आगे बढ़ाने के लिए ही विवाह होता है।
भाजपा का काम ही हंगामा मचाना है
जाप वहीं जन अधिकार पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा का काम ही किसी न किसी बात पर हंगामा मचाना है। इन्हें और कुछ आता भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी की अवधारणा को समझने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण की बातें कही हैं, जो कहीं से गलत नहीं है।
