सांप्रदायिक दल से नजदीकी पर मौलाना बदरुद्दीन अजमल को जमीयत का नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

सांप्रदायिक दल से नजदीकी पर मौलाना बदरुद्दीन अजमल को जमीयत का नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद (महमूद मदनी गुट) ने संगठन के असम प्रदेश अध्यक्ष और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल को नोटिस देकर 24 घंटे के अंदर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

आरोप है कि अजमल की पार्टी का एक सांप्रदायिक दल से गठबंधन है। हालांकि नोटिस में किसी दल का जिक्र नहीं किया है, अलबत्ता पिछले कुछ दिनों से मौलाना बदरुद्दीन अजमल की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से नजदीकियां होने की बात सामने आ रही है।

सांप्रदायिक दल से नजदीकियां होने की चर्चा के बाद भेजा नोटिस

जमीयत के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी की ओर से अजमल को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि देश की आजादी के बाद से जमीयत का स्पष्ट सिद्धांत रहा है कि संगठन का कोई भी सदस्य और पदाधिकारी किसी भी सांप्रदायिक दल से संबंध, राजनीतिक सहभागिता नहीं रख सकता और न ही उसका समर्थन कर सकता है।

केवल ऐसी राजनीतिक शक्तियों और दलों के साथ ही रहा जा सकता है, जो राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश की बहुलतावादी सामाजिक संरचना की रक्षा के पक्षधर हों।

24 घंटे में देना होगा जवाब

मौलाना हकीमुद्दीन ने बताया कि हालिया चुनावी अभियान में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की ओर से एक सांप्रदायिक दल को खुला समर्थन देने की बात सामने आई है, जो कि जमीयत की मूल नीति के खिलाफ है। यदि नोटिस में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता है तो संगठन की नियमावली के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


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