जम्मू- कश्मीर से 370 हटने के बाद पश्चिमी यूपी में आतंकी हमले का इनपुट, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

 

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए की समाप्ति के बाद से सतर्कता बरती जा रही है। कश्मीर के हालात और आतंकी हमले के इनपुट को देखते पश्चिमी यूपी में अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में आतंकियों का पुराना कनेक्शन भी खंगालना शुरू कर दिया है।

पश्चिमी यूपी में आतंकी इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए के हटने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। जिसके चलते आतंकियों की नजर पश्चिमी यूपी पर टिकी हुई है। 15 अगस्त पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद भी खतरा बना हुआ है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने वेस्ट यूपी के पांच जिलों में फोर्स को अलर्ट किया है। मेरठ और बिजनौर में पूर्व में पकड़े आतंकियों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

पुलिस भी पता लगा रही है कि आतंकियों का मूवमेंट कहां हो सकता है। एसटीएफ मेरठ ने 30 नवंबर 2015 में आईएसआई एजेंट एजाज, 16 अगस्त 2014 को आईएसआई एजेंट आसिफ, 18 मार्च 2004 में मेरठ में आईएसआई एजेंट महिला रूबी बेगम को दबोचा था। 10 मार्च 2005 को खलील हुसैन खान पकड़ा गया था। आईएसआई एजेंटों का टारगेट मेरठ कैंट की गोपनीय जानकारियां जुटाकर पाकिस्तान भेजना होता है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां आतंकी एजेंटों से जुड़े लोगों की कुंडली खंगालने में जुटी हैं। लोकल पुलिस से भी पुरानी जानकारी ले रही हैं।

 
 

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