कार्यशाला में दी किसान समृद्धि कार्बन क्रेडिट योजना के बारे में जानकारी
- सहारनपुर में आयोजित कार्यशाला में किसान समृद्धि कार्बन क्रेडिट योजना के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ।
सहारनपुर। संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में किसान समृद्धि कार्बन क्रेडिट योजना के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. ए. एस. मौर्य ने कहा कि यह योजना किसानों की आय में वृद्वि करने हेतु उ.प्र. सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों को परम्परागत आय के स्त्रोतों के साथ-ंउचयसाथ नए आय के स्त्रोतों को भी लाभ उपलब्ध कराये जाने की मंशा है। कार्बन क्रेडिट योजना द्वारा किसानों उत्पादकता में वृद्वि सुनिश्चित करने तथा मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए मृदा के कार्बनिक अंश में भी वृद्वि की जायेगी।
कृषि उपनिदेशक संदीप पाल एवं जिला कृषि अधिकारी मुजफ्फरनगर राहुल तेवतिया ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में आईआईटी, रूड़की के सहयोग से यह योजना सहारनपुर मण्डल में संचालित की जायेगी तथा जिसके प्राप्त परिणामों के आलोक में इस योजना को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में लागू किये जाने हेतु अग्रिम चरणों का नियोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु संवेदनशील कृषि को ब-सजयावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान रूड़की ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सतत् कृषि और कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम लागू करने की पहल की है।
संयुक्त कृषि निदेशक यतेन्द्र सिंह ने कहा कि यही पहल वैज्ञानिक कृषि पद्वतियों को उभरते कार्बन बाजार तंत्र के साथ एकीकृत करने का प्रयास करती है। इसमें कृषि उत्पादकता में सुधार के साथ-ंउचयसाथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करे की क्षमता है। कार्यशाला को उप कृषि निदेशक संदीप पाल, जिला कृशि अधिकारी राहुल तेवतिया मण्डल के तीनों जनपदों केतकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे।
