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भारत ने मेडिकल सप्लाई भेज की थी मदद, वेंटिलेटर की मांग पर चीन का बहाना- हमारे पास कलपुर्जे की कमी

भारत ने मेडिकल सप्लाई भेज की थी मदद, वेंटिलेटर की मांग पर चीन का बहाना- हमारे पास कलपुर्जे की कमी
हाइलाइट्स
  • भारत ने जनवरी में मेडिकल उपकरण के निर्यात को लेकर चीन को छूट दी थी
  • फरवरी में 15 टन मेडिकल सप्लाई के साथ अपने ग्लोबमास्टर विमान को भेजा था
  • अब जब चीन की मदद की बारी आई तो उसने असमर्थता का बहाना बना दिया
  • वेंटिलेटर की खरीद पर बोला कि हमारे पर इसके कलपुर्जे ही नहीं हैं

पेइचिंग
कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत ने चीन से वेंटिलेटर खरीदने का फैसला किया है लेकिन चीन की तरफ से जो बयान आए हैं उससे भारत के लिए चिंता बढ़ सकती है। दरअसल, चीन ने इसपर कहा है कि वह आवश्यक वेंटिलेटर भारत को देने के लिए तैयार है लेकिन फिलहाल उत्पादन में कठिनाई आ रही है क्योंकि उन्हें वेंटिलेटर बनाने के लिए कलपुर्जों का आयात करना पड़ेगा।

भारत ने आगे बढ़कर की मदद, अब चीन की बारी

भारत ने कोरोना वायरस के शुरुआती प्रसार के वक्त ही जनवरी में प्रतिबंध में ढील दी थी और चीन को सीमित मेडिकल उपकरणों के निर्यात को मंजूरी थी। इसके साथ भारत ने फरवरी में चीन को 15 टन मेडिकल सप्लाई भेजा था। अब चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बुधवार को यहां मीडिया से कहा, ‘हम यह भी जानते हैं कि भारत के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महामारी को हराने के लिए प्रयासरत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से इस समय पूरी दुनिया में वेंटिलेटरों की भारी मांग है। चीन भी इस महामारी के दौर में दबाव का सामना कर रहा है।’

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हालांकि एक वेंटिलेटर के लिए विभिन्न क्षेत्रों और देशों से आयातित 1000 से अधिक कलपुर्जे चाहिए होते हैं जिनमें यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्से हैं।’ चुनयिंग ने कहा, ‘इसलिए हमारे लिए इस समय उत्पादन बढ़ा पाना बहुत आसान नहीं है। ऐसा करना बहुत मुश्किल है। लेकिन चीनी कंपनियां इस दिशा में अथक प्रयास कर रही हैं ताकि उनका उत्पादन बढ़ जाए।’

अमेरिका के लिए 9/11 से भी बड़ा कहर बना कोरोना

अमेरिका के लिए 9/11 से भी बड़ा कहर बना कोरोनाकोरोना वायरस से अमेरिका में मरने वालों की संख्या लगभग 4000 का आंकड़ा पार गई है। आशंका जताई गई है कि इस घातक वायरस से 20 अप्रैल तक यहां रोजाना 2000 लोगों की जान जाएगी। देखिए ये विडियो रिपोर्ट।

भारत, अमेरिका में बढ़ी है वेंटिलेटर की मांग
अमेरिका और भारत समेत कई देश वेंटिलेटर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं जिनकी जरूरत कोरोना वायरस के कारण अस्पतालों में बढ़ गई है। चीनी वेंटिलेटर निर्माताओं के अनुसार उनके लिए उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं है क्योंकि उन्हें भी कलपुर्जों का आयात करना होगा। चीनी की सरकार मीडिया में यह खबर तब प्रकाशित की गई है जब भारत ने वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल उपकरणों के लिए चीन समेत कई देशों में वेंटिलेटर निर्माताओं से संपर्क किया गया है।

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