रामलीला मे कलाकारो ने लंका दहन व अक्षय कुमार वध का सजीव मंचन किया

  • फोटो रामलीला का दृश्य

नकुड 17 अप्रैल इंद्रेश। नगर मे चल रही रामलीला मे कलाकारो ने लंका दहन व भगवान राम द्वारा रामेश्वरम पूजन का मनोहारी मंचन किया।

बीती रात रामलीला के कलाकारो ने अपने मंचन में भगवती सीता की खोज के लिये सुग्रीव द्वारा वानर दलों को भेजने का सजीव मंचन किया। हनुमान , जांमवान , अंगद आदि वानर सीता की खेाज करते हुए सागर के किनारे तक पहुचंे परंतु सीता का कही पंता नंही चला तो वंहा जटायी के भाई संपाती ने उन्हे बताया कि माता सीता लकंा मे अशेाक वाटिका मे बैठी हैं तब जांमवान ने हनुमान जी को उनका बल याद दिलाया ओर हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पंहुच गये। लंका मे उनकी भंट विभिषण से हुई तो विभिषण ने उन्हे अशेाक वाटिका की जानकारी दी। जिसके बाद हनुमान जी ने अशोक वाटिका मे सीता माता व रावण का संवाद सुना। रावण के बाद हनुमान जी ने सीता माता को अपने आने की सूचना दी।

हनुमान जी ने सीता माता को दिलासा दिया। साथ भूखा होने व फल खाने की अनुमति मांगी । सीता माता की अनुमति पाकर अनुमान जी ने अशोक वाटिका मे फल खाये व वृक्ष तोडे । सूचना मिलने पर रावण ने अक्षय कुमार को अनुमान जी को पकडने का आदेश दिया। पंरतु हनुमान जी ने अक्षय कुमार का वध कर डाला। रामलीला के कलाकरो ने हनुमान मेघनाद वध व रावण की सभा मे हनुमान रावण सवाद का मनोहारी मंचन किया। जिसके बाद हनुमान जी ने लंका का दहन किया ओर समुद्र लांघ कर वापस वानर दल मे आ गये।

इससे पूर्व एनआरआई निदरलेंड निवासी विष्णु महादेव पंाडेय व कथा वाचक भगवती प्रसाद शुक्ल ने दीप प्रज्जवलित कर रामलीला के मंचन का शुभारंभ किया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता, केके शर्मा, सरस गोयल, केएलजीएम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य केप्टन कौरव मिश्रा, अक्षय गोयल, गौरवसिंधल, प्रशांत गोयल, अमित वर्मा , रविंद्र , साहिल सिंघल, संजय वेदपाठी, राकेश सिंगला, पंकज जैन व विजय त्यागी आदि उपस्थित रहे।