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कानपुर के जाजमऊ में टेनरी कब्जाने के लिए दो पक्ष भिड़े, लाठी-डंडे और पथराव में सपा विधायक के बेटे-भाई समेत एक दर्जन घायल

कानपुर के जाजमऊ में टेनरी कब्जाने के लिए दो पक्ष भिड़े, लाठी-डंडे और पथराव में सपा विधायक के बेटे-भाई समेत एक दर्जन घायल
  • कानपुर के जाजमऊ थाने से सौ मीटर दूर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस के सामने ही जमकर पथराव व लाठी डंडे चले। इस दौरान राहगीरों के वाहनों को निशाना बनाया गया। महिला व उसके भतीजे के बीच मकान मालिक व किरायेदारी का विवाद है।

कानपुर। जाजमऊ स्थित टेनरी पर कब्जे को लेकर बुधवार रात दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। उपद्रवियों ने पुलिस के सामने मारपीट और पथराव किया। यही नहीं मौके से गुजर रहे वाहनों को निशाना बनाया और उनमें तोड़फोड़ की गई। बवाल के दौरान पुलिस के सामने खुलेआम असलहे लहराए गए। पथराव व मारपीट में सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी के बेटे कामरान और भाई फुरकान समेत एक दर्जन लोगों घायल हो गए। हालांकि विधायक ने वीडियो  जारी करके घटना से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन वीडियो में उनके बेटे दिखाई पड़े हैं। बवाल बढ़ने पर तनाव को देखते हुए मौके पर एडीसीपी, एसीपी पहुंचे। पीएसी के साथ-साथ आरएएफ तैनात कर दी गई है। पुलिस ने मौके से महिला समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। यह पूरा बवाल जाजमऊ थाने से सौ मीटर दूरी पर ही हुआ।

जाजमऊ के केडीए कालोनी निवासी सज्जाद आलम ने बताया कि वह दिलशाद, इरशाद, नौशाद सहित चार भाई थे। दिलशाद और इरशाद का कई साल पहले निधन हो गया था। इरशाद के दो बेटे चमनगंज निवासी आमिर और नासिर हैं। वहीं, केडीए कालोनी निवासी नौशाद और उनकी पत्नी शहनाज जहां के कोई बच्चे नहीं थे। नौशाद की जाजमऊ थाने से 100 मीटर आगे सिद्धनाथ मंदिर को जाने वाली रोड पर शालीमार लेदर इंडस्ट्रीज के नाम से टेनरी है। करीब तीन वर्ष पहले नौशाद की कोरोना से मौत हो गई थी। उनके भतीजे आमिर ने बताया कि वह करीब 15 वर्ष से चाचा नौशाद की टेनरी संभाल रहे थे, जिसका वह किराया भी देते थे, लेकिन चाचा के निधन के बाद शहनाज जहां टेनरी बेचना चाहती थी। इसका विरोध करने पर शहनाज ने उन पर मार्च 2021 में न्यायालय में 145 धारा में तहत मुकदमा लगाया था। उसके बाद उन्होंने चाची शहनाज पर भी मुकदमा दर्ज करा दिया। इस दौरान टेनरी का उन्हें स्टे भी मिल गया।

आमिर का आरोप है कि स्टे के बाद शहनाज कुछ नहीं कर पा रही थी। इसी बौखलाहट में वह 10-12 लोगों के साथ टेनरी पहुंच गई। उस समय वह भाई नासिर के इलाज के चलते बाहर थे। ताला डालने की सूचना पर उन्होंने चाचा सज्जाद और परिचित विधायक मोहम्मद हसन रूमी के भाई फुरकान और बेटे कामरान को वहां समझाने के लिए भेजा था, जिससे शहनाज भड़क गई और किसी को फोन कर दिया। उसके बाद 60-70 लोग टेनरी में आ गए और सभी को लाठी-डंडों से हमला कर मारपीट करने लगे। लोग बाहर निकले तो हमलावरों ने रोड पर भी उन्हें घसीटकर मारा। यहां तक कि उधर से गुजर रहे वाहनों को भी नहीं छोड़ा गया।

 

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