
आईआईटी रुडकी से करायी जायेगी पेयजल में आर्सेनिक व हैवी मैटल की जांच
- सहारनपुर में वार्डों में घर-घर जाकर क्लोरीन की जांच करती अमृत मित्र।
सहारनपुर। महानगर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम द्वारा अनेक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर महानगर के अधिकांश बड़े ट्यूबवेलों पर इलेक्ट्रॉनिक डोजर मशीन से क्लोरिन की आपूर्ति की जा रही है तथा शहर के सभी वार्डो में घर-घर जाकर पानी के नमूने लिए जा रहे है और क्लोरिन की जांच की जा रही है। इसके अलावा जल निगम ग्रामीण की लैब में भी हर रोज पानी के दस नमूनों की जांच करायी जा रही है।
महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जल निगम ग्रामीण की लैब में अभी तक सौ से ज्यादा नमूनों की फिजिकल, केमिकल एवं बैक्टिरियोलॉजिकल जांच करायी गयी है, सभी नमूनों की टेस्ट रिपोर्ट सामान्य पायी गयी है। उन्होंने बताया कि पेयजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड, व अन्य हैवी मैटल की जांच आई आई टी रुडकी से कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने बताया कि घर घर जाकर अमृत मित्रों द्वारा हर रोज करीब 450 नमूने लेकर क्लोरीन की जांच की जा रही है। इसके अलावा विभागीय वाहनों द्वारा भी प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार क्लोरिन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ओवर हैड टैंकों की सफाई दो माह पहले ही करायी जा चुकी है, प्रत्येक 06 माह बाद ये सफाई करायी जाती है। उन्होंने बताया कि निगम की जल प्रयोगशाला का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, जल्दी ही इसमें नमूनों की जांच शुरु कर दी जायेगी।
महाप्रबंधक जल ने बताया कि शहर में पाइप लाइनों के निरीक्षण के दौरान 08 स्थानों पर नाले-नालियों के ऊपर से गुजरने वाली पेयजल पाइप लाइन बदलने की आवश्यकता सामने आई है।उन्होंने बताया कि पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन करोड़ 60 लाख का बजटीय प्रावधान है, जिसके अंतर्गत अनेक वार्डो में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन नयी पेयजल पाइप लाइन बिछाये जाने का कार्य निरंतर कराया जा रहा है।
