खुद स्वच्छता की शुरुआत करेंगे तो शहर होगा नंबर वन: पद्मश्री सेठपाल

- अपनी सोच को बदलकर ‘मेरा कूड़ा-मेरी जिम्मेदारी’ को अपनाएं: नगरायुक्त
सहारनपुर। डेडीकेटेड कमांड कंट्रोल संेटर (डीसीसीसी) के तीन वर्ष पूर्ण होने पर नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर पद्मश्री सेठपाल व दीपक गुप्ता के अलावा स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, एनजीओ, सफाई कर्मियों एवं मौहल्ला समितियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सभी वक्ताओं ने सफाई की शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान करते हुए सहारनपुर को नंबर वन लाने का संकल्प दोहराया।
जनमंच सभागार में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए निगम के ब्रांड एम्बेसडर पद्मश्री सेठपाल ने कहा कि ‘मेरा शहर-मेरा गौरव’,‘मेरा गांव-मेरा गौरव’ और ‘मेरा मौहल्ला-मेरा गौरव’ की अवधारणा को ध्यान में रखकर हम अगर अपने आप और अपने मौहल्ले तथा आस-पास के परिवेश को साफ सुथरा रखेंगे तो निश्चय ही अपने शहर को स्वच्छ और सुुदर बनाते हुए सहारनपुर को नंबर वन बनाने में कामयाब होंगे। जूडो के अंतर्राष्ट्रीय रेफरी और निगम के ब्रांड एम्बेसडर दीपक गुप्ता ने भी स्वच्छता और सफाई की शुरुआत खुद से करने और दूसरे लोगों को स्वच्छता के लिए र्प्रेरित करने पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थ रहने की कंुंजी है।
नगरायुक्त संजय चौहान ने भी स्वच्छता की शुरुआत अपने आप से करने पर बल देते हुए कहा कि हमें अपनी सोच बदलनी होगी। ‘मेरा गांव-मेरा गौरव’ से और आगे जाते हुए ‘मेरा घर-मेरी चिंता, मेरा कूड़ा-मेरी जिम्मेदारी’ तक सोच को ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार उस समय सहारनपुर महानगर की आबादी आठ लाख 80 हजार थी जो आज लगभग 12-14 लाख पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आबादी की गंदगी को मात्र दो हजार जागरुक सफाई कर्मी साफ नहीं कर सकते। शहर के लोगों को भी अपने कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी को समझना होगा। उन्होंने बताया कि महापौर जी के साथ बनायी एक योजना के तहत बेहट रोड पर देश का पहला सीबीजी (कूड़े से गैस बनाने का अत्याधुनिक संयंत्र) प्लांट लगाया जा रहा है। जिसका अगले पखवाडे़ बीपीसीएल के साथ एमओयू साइन होने जा रहा है। एमओयू साइन होने के बाद तीन माह में प्लांट कार्य करना शुरु कर देगा।
इससे पूर्व नगर स्वास्थय अधिकारी प्रवीन शाह ने आयोजन का उद्देश्य तथा अपर नगरायुक्त ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि 1533 पर यदि कोई शिकायत दर्ज होती है तो वह डेडीकेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (डीसीसीसी) पर दर्ज होती है। उन्होंने बताया कि गत तीन वर्ष में सहारनपुर में डीसीसीसी के माध्यम से कुल 2762 शिकायते दर्ज की गयी जिनमें से 2757 शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त सुपरवाइजर बृजमोहन तथा वार्ड 25 मौहल्ला समिति के आर सी पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। संचालन डॉ.वीरेन्द्र आज़म ने किया।