कार्यकताओं-नेताओं की पीड़ा सुन जब नीतीश कुमार बोले- ‘मै हूं न…’, क्या दबाव में लिया फैसला?

कार्यकताओं-नेताओं की पीड़ा सुन जब नीतीश कुमार बोले- ‘मै हूं न…’, क्या दबाव में लिया फैसला?

बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार (06 मार्च, 2026) को अपने विधायक, विधान पार्षद और सांसदों को आश्वस्त किया है कि उनके राज्यसभा जाने से पार्टी और प्रदेश पर कोई असर नहीं पड़ेगा. भरोसा दिलाया कि वे दिल्ली के साथ साथ बिहार में भी रहेंगे. सभी चीजों को देखते रहेंगे.

मुख्यमंत्री आवास में हुई पार्टी की बैठक के बाद यह जानकारी जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने बीते शुक्रवार (06 मार्च, 2026) को दी. दरअसल, नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के फैसले से जदयू के कार्यकर्ता और नेता नाराज हैं. बैठक में भी कई विधायकों ने उन्हें अपने फैसले पर पुर्नविचार करने का आग्रह किया है.

‘अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे नीतीश कुमार’

हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि वे किसी दवाब में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बिहार के विकास का जो रास्ता तय किया गया है वह रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि काम जारी रहेगा और वह खुद भी हर चीज पर नजर रखेंगे.

पार्टी में निशांत के आने पर बनी सहमति

नीरज ने बताया कि बैठक में विधायकों ने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को पार्टी में शामिल किए जाने की मांग रखी, उसके बाद जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री लालन सिंह ने यह घोषणा की निशांत ने राजनीति में आने की सहमति दे दी है और जल्द ही औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होंगे.

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पत्रकारों से कहा कि पार्टी में अंतिम फैसला अब भी नीतीश कुमार का ही होता है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार में या पार्टी के भीतर कोई पत्ता भी उनकी मर्जी के बिना नहीं हिल सकता. नीरज ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने पार्टी के कार्यकताओं और नेताओं की पीड़ा के बारे में मुख्यमंत्री को बताया. उसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी से कहा, “मै हूं न.”


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