हरिद्वार: 18 साल बाद दबोचा गया गंगा तट पर हुए नरसंहार का आरोपी ‘रावण’, गांजे को लेकर हुआ था विवाद

 

हरिद्वार में 2001 में गंगा तट पर हुए नरसंहार को अंजाम देने के आरोप में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी रावण को बहादराबाद पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी बिजनौर में अपने गांव में रहकर शराब तस्करी का धंधा कर रहा था।

18 साल से आरोपी की तलाश में हरिद्वार पुलिस जुटी हुई थी लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा सका था। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बहादराबाद पुलिस की पीठ थपथपाई है। घटना 16 जून 2001 की नीलधारा में बने टापू की है। फक्कड़ साधु धुना गिरि की झोपड़ी में गांजा पीने को लेकर हुए मामूली विवाद में नरसंहार हुआ था।

चिमटे और छैने से पीट पीट कर सेवादार महादेव, काला बाबा, विष्णु गिरि उर्फ राकेश उर्फ गंजू बाबा, दो अज्ञात पुरुष और एक अज्ञात महिला की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तीन आरोपी संजू उर्फ लंबू, रमेश उर्फ मेंटल और भरत को गिरफ्तार किया था।

 
 

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