shobhit University Gangoh
 

स्वदेशी हथियारों के निर्यात को लेकर भारत सरकार का रोडमैप तैयार

स्वदेशी हथियारों के निर्यात को लेकर भारत सरकार का रोडमैप तैयार

नई दिल्ली
भारत ना सिर्फ हथियारों का आयात कम करना चाहता है, बल्कि स्वदेशी हथियारों को दूसरे देशों को बेचनी भी चाहता है। इसको लेकर मोदी सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। तैयार हथियार को बेचने के लिए सरकार डिप्लोमैटिक चैनल का भी इस्तेमाल करेगी। यह जानकारी यूनियन डिफेंस प्रॉडक्सन सेक्रेटरी राजकुमार ने दी है।

डिप्लोमैटिक चैनल की मदद लेंगे

इंडियन डिफेंस अटैच वेबिनार में बोलते हुए राजकुमार ने कहा कि दूतावास और दूसरे डिप्लोमैटिक चैनल की मदद से हम निर्यात की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। इस मामले को लेकर आर्मी में लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने भी कहा कि इंडस्ट्री को 13 लाख मजबूत आर्मी हर तरीके से मदद करने के लिए तैयार है।

आर्मी को स्वदेशी हथियार के इस्तेमाल में परेशानी नहीं
लेफ्टिनेंट जनरल सैनी ने साफ-साफ कहा कि आर्मी को स्वदेशी हथियार का इस्तेमाल करने में कोई परेशानी नहीं है। हालांकि क्वॉलिटी के साथ किसी तरहका खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि जिस समय हालात बदतर होते हैं, उस समय हथियारों की विशेष टेक्नॉलजी दूसरे देश शेयर नहीं करना चाहेंगे। अगर ऐसी डील होती भी है तो स्ट्रैटिजीक ऑटोनॉमी के साथ खिलवाड़ हो सकता है।

101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक

एक सप्ताह पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत अहम घोषणा की थी। रक्षा वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाई जाएगी। सिंह ने ट्वीट किया कि जो 101 वस्‍तुएं चिन्हित की गई हैं, उनमें बड़ी बंदूकों से लेकर मिसाइल तक शामिल हैं। सिंह का कहना है कि इस फैसले से भारतीय रक्षा उद्योग को बड़े अवसर मिलेंगे। रक्षा मंत्री के मुताबिक, आयात पर रोक लगाने की यह कवायद 2020 से 2024 के बीच पूरी की जाएगी। आने वाले वक्‍त में और वस्‍तुओं को इस लिस्‍ट में जोड़ा जा सकता है।

Jamia Tibbia