नासा से लेकर यूएई तक ने इसरो को सराहा, कहा- चंद्रयान 2 ने हमें भी प्रेरणा दी, यह इच्छा भी जताई

 

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का चंद्रयान 2 मिशन भले लैंडिंग के दौरान संपर्क टूटने से 95 फीसदी सफल बताया जा रहा है लेकिन इससे कहीं अधिक अहम बात यह है कि पूरी दुनिया ने इस मिशन को सराहा है। यहां तक कि दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी नासा ने तो भविष्य में साथ मिलकर काम करने तक की इच्छा जताई है। ऐसा ही कुछ संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष एजेंसी ने भी कहा है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी ने कहा है कि चांद पर उतरने जा रहे चंद्रयान 2 से संपर्क भले टूट गया हो लेकिन इसरो को हमारा पूर्ण समर्थन है। भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में खुद को एक रणनीतिक खिलाड़ी के तौर पर साबित किया है और इसके विकास और उपलब्धियों में भागीदार है।

वहीं नासा ने भी इस बारे में कहा कि अंतरिक्ष एक कठोर जगह है। हम इसरो के मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 2 को उतारने के प्रयास की सराहना करते हैं। आपने अपनी इस यात्रा से हमें भी प्रेरित किया है और हम भविष्य में साथ मिलकर अपने सौर मंडल के नए आयामों को खोजने के अवसरों को लेकर उत्साहित हैं।

ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने भी की तारीफ

इसी क्रम में ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने भी कहा कि विक्रम लैंडर चंद्रमा पर अपने मिशन को साकार करने के लिए सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी पर था। हम इसरो की पूरी टीम की उनके प्रयासों और अंतरिक्ष में अपनी यात्रा जारी रखने की प्रतिबद्धता कायम रखने के लिए सराहना करते हैं।

चंद्रयान 2 मिशन 95 फीसदी रहा सफल

भले ही चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर चांद की सतह पर लैंडिंग से चूक गया हो, लेकिन इसरो के हौसले बुलंद हैं। इसरो प्रमुख के सिवन ने चंद्रयान 2 मिशन को 95 फीसदी सफल बताया है। डीडी न्यूज़ से ख़ास बातचीत में के सिवन ने ये भी कहा कि विक्रम लैंडर से संपर्क की कोशिश जारी है।

इसरो प्रमुख के सिवन ने चंद्रयान 2 मिशन को 95 फीसदी सफल बताया। उन्होंने कहा कि विक्रम लैंडर से दोबारा संपर्क बनाने के लिए प्रयास जारी हैं। हम अगले 14 दिन तक इसके लिए कोशिश करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आखिरी चरण ठीक से पूरा नहीं किया जा सका, उसी चरण में हमने विक्रम से संपर्क खो दिया।

इसरो के सभी मिशन समय पर पूरे होंगे

के सिवन ने कहा कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर 7.5 साल तक काम कर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि गगनयान सहित इसरो के सभी मिशन निर्धारित समय पर पूरे होंगे।

इसरो प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रेरणा और समर्थन का स्रोत रहे। उनका भाषण प्रेरणादायक था। उनके भाषण में मुझे वो लाइन खास लगी जिसमें उन्होंने कहा कि विज्ञान को परिणाम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, प्रयोग के तौर पर देखा जाना चाहिए और इसी से नतीजा मिलता है।

 
 

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