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मात्र 20 रुपये में रेलवे इंजीनियरों ने कोरोना से बचने के लिए तैयार किया ये हथियार, जानें क्या है इसमें खास

गोरखपुर के रेलवे वर्कशॉप के इंजीनियरों ने कोरोना संक्रमण से चेहरे को बचाने के लिए फेस शील्ड तैयार किया है। इसे तैयार करने में महज 20 रुपये ही लागत आई है। अभी तक 200 फेस शील्ड तैयार कर लिए गए हैं। इसे रेलवे के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे के फ्रंट लाइन के कर्मचारियों में इसका वितरण होगा।

फेस शील्ड पूरे चेहरे को कोरोना के संक्रमण की चपेट में आने से रोकता है। मंगलवार को रेलवे अस्पताल के कई डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को फेस शील्ड उपलब्ध कराया गया। इसे तैयार करने में महज 10 मिनट लगे। इसके लिए न तो अलग से कोई सामान मंगाना पड़ा और न ही इसके लिए किसी बजट की व्यवस्था करनी पड़ी।

कारखाने में पड़े रेल मैटेरियल से ही फेस शील्ड बना दिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे अस्पताल के मेडिकल स्टाफ के लिए इसे बनाया गया है। वे हमेशा मरीजों के संपर्क में रहते हैं इसलिए उनके लिए बहुत कारगार होगा।

अब पीपीई भी करेंगे तैयार

रेलवे अस्पताल के डॉ. नंद किशोर ने बताया कि वर्कशॉप में बना फेस शील्ड पूरी तरह से सुरक्षित और हाइजेनिक है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रेलवे वर्कशाप के इंजीनियर फेस शील्ड के बाद पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स) किट तैैयार करेंगे। इसे पहनकर ही डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ किसी भी संदिग्ध मरीज की जांच करेंगे।
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