shobhit University Gangoh
 

पिता ने सोनिया गांधी के लिए तानी थी पिस्टल, बेटे ने सड़क पर घेरा मंत्री, जानें कौन हैं बृजभूषण राजपूत

पिता ने सोनिया गांधी के लिए तानी थी पिस्टल, बेटे ने सड़क पर घेरा मंत्री, जानें कौन हैं बृजभूषण राजपूत

उत्तर प्रदेश के महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को उनकी ही पार्टी के चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने सड़क पर रोक लिया. विरोध, नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच मंत्री को गाड़ी से उतरकर सफाई देनी पड़ी. यह घटना महोबा शहर की सड़कों पर उस वक्त हुई, जब मंत्री एबीवीपी के कार्यक्रम से लौट रहे थे और मामला जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतों का था.

सड़क पर दिखी सत्ता के भीतर की टकराहट

30 जनवरी को महोबा दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जैसे ही कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले, सामने बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ काफिला खड़ा कर दिया. करीब 50 ग्राम प्रधान, सैकड़ों कार्यकर्ता और नारेबाजी के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई.

विधायक का आरोप था कि जल जीवन मिशन के तहत उनके क्षेत्र की सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन न पानी पहुंचा और न सड़कें बनीं. शिकायतों पर अधिकारियों ने फर्जी निस्तारण रिपोर्ट लगा दी. हालात संभालने के लिए मंत्री ने विधायक को अपनी ही गाड़ी में बैठाकर बातचीत की और बाद में दोनों कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां बंद कमरे में करीब एक घंटे तक चर्चा चली.

कौन हैं बृजभूषण राजपूत?

महोबा में मंत्री का काफिला रोकने वाले बृजभूषण राजपूत कोई नए या अनुभवहीन नेता नहीं हैं. राजनीतिक टकराव उन्हें विरासत में मिला है. उनके पिता गंगा चरण राजपूत यूपी की राजनीति में विवादों और दलबदल के लिए जाने जाते रहे. तीन बार हमीरपुर से सांसद रहे गंगा चरण राजपूत जनता दल, बीजेपी, कांग्रेस और बसपा तक का सफर तय कर चुके थे.

छात्र राजनीति से निकले गंगा चरण का दबंग अंदाज इलाके में मशहूर रहा, यहां तक कि एक बार सीओ को थप्पड़ मारने का किस्सा भी चर्चित रहा. बुंदेलखंड राज्य, बिजली-पानी और ओबीसी मुद्दों पर उन्होंने कई आंदोलन किए. 2015 में बसपा से बीजेपी में वापसी के वक्त बृजभूषण राजपूत भी उनके साथ आए और उस समय बीजेपी के सदस्यता अभियान प्रभारी खुद स्वतंत्र देव सिंह थे.

2004 का पिस्टल कांड और आज पिता की राह पर बेटा

18 मई 2004 को यूपीए की जीत के बाद जब सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा चली और उन्होंने पद ठुकराया, तब दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ. गंगा चरण राजपूत कार की छत पर चढ़े, पिस्टल लहराई और अपनी ही कनपटी पर तानते हुए धमकी दी कि अगर सोनिया गांधी PM नहीं बनीं तो वे खुद को गोली मार लेंगे. कैमरों के सामने यह दृश्य पूरे देश ने देखा.

विडंबना यह रही कि जो नेता सोनिया गांधी के लिए जान देने को तैयार दिखा, वह कुछ साल बाद फिर बीजेपी में लौट आया. आज उसी सियासी तेवर की झलक बेटे बृजभूषण राजपूत में दिख रही है. पढ़े-लिखे और पीएचडी डिग्रीधारी होने के बावजूद उनका संदेश साफ है- अगर काम नहीं होगा तो बवाल होगा. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के विधायक ने अपने ही मंत्री को बंधक बना लिया, जो बताता है कि सत्ता अब पटरी से उतर चुकी है.

Jamia Tibbia

Leave a Reply