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Farmer Protest: संयुक्त किसान मोर्चा के रेल रोको के एलान ने बढ़ाई चिंता, सख्ती से निपटने की तैयारी

Farmer Protest: संयुक्त किसान मोर्चा के रेल रोको के एलान ने बढ़ाई चिंता, सख्ती से निपटने की तैयारी

नई दिल्ली । कृषि कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने रेल रोकने का एलान किया है। इससे पुलिस-प्रशासन के साथ ही रेलवे पुलिस भी सकते में है। मुख्यालय के अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट स्थानीय अधिकारियों से मांगी है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे के अफसरों ने ¨बदुवार रिपोर्ट भेजने के साथ ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा चार्ट तैयार कर लिया है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रेलवे को हुए नुकसान को देखते हुए जीआरपी ने अर्धसैनिक बलों की मांग की है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने 18 फरवरी को दोपहर 12 से चार बजे तक रेल चक्का जाम का एलान किया है। यह चक्का जाम देशभर में होगा। कुंडली बार्डर पर सबसे बड़ा आंदोलन चल रहा है और इसमें प्रदेश के लोगों की भी काफी भागीदारी है। इसे देखते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन और रेलवे प्रशासन अपने-अपने स्तर पर सुरक्षा रणनीति बनाने में जुट गया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय व रेलवे के डीआरएम आफिस में दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। फरवरी, 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सोनीपत के राजलूगढ़ी में भी आंदोलनकारी इसी तरह रेलवे पटरी पर पहुंच गए थे और रेल रोकते हुए पटरी को उखाड़ दिया था। इससे ट्रेनों का परिचालन तो ठप था ही, रेलवे को भी काफी नुकसान हुआ था। इसे देखते हुए इस बार रेलवे पुलिस पहले से ही सतर्क है।

ट्रेनों की सूची और यात्रियों की संख्या मांगी

रेलवे मुख्यालय ने स्टेशन अधीक्षक से ट्रेनों के आवागमन की स्थिति और उनमें सफर करने वाले औसतन यात्रियों की संख्या मांगी है। आरक्षण आंदोलन के दौरान ट्रेन और पटरी की पूरी रिपोर्ट भी तलब की गई है। आरपीएफ व जीआरपी ने अपना सुरक्षा चार्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा में कहीं पर चूक न होने पाए। जाट आरक्षण आंदोलन से सबक लेकर पहले से ही सुरक्षा चाक-चौबंद करने का प्लान तैयार किया गया है। रेल रोकने और ट्रैक पर बैठने के संभावित स्थानों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा कड़ी की जा रही है। ट्रैक की निगरानी को मोबाइल टीम भी तैनात की गई है। स्टेशन की भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

जीआरपी थाना के एसएचओ राजकुमार ने बताया कि हमने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। जाट आरक्षण आंदोलन के समय की स्थिति के आधार पर भी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। हमारा सुरक्षा का प्लान तैयार है। अर्धसैनिक बलों की मांग की गई है। मुख्यालय से जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त हो जाएंगे।

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