ओडिशा में राकेश टिकैत के साथ हुई बदसलूकी? किसान नेता ने पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप

ओडिशा में राकेश टिकैत के साथ हुई बदसलूकी? किसान नेता ने पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप

ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह को आंदोलन में जाने से रोके जाने पर विवाद बढ़ गया है. मंगलवार को राकेश टिकैत ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भुवनेश्वर गेस्ट हाउस में उन्हें ठीक से नहीं रखा गया और दूसरे लोगों से मिलने भी नहीं दिया. वहीं पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता ने इन आरोपों से इनकार किया है.

राकेश टिकैत ने कहा कि वो किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए भुवनेश्वर जा रहे थे लेकिन, उन्हें रोक लिया गया और पुलिस अपने साथ गेस्ट हाउस ले गई. टिकैत ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया और उन्हें दूसरे लोगों से मिलने से भी रोका गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया है.

पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने टिकैत के इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि सांसद सुधार सिंह की सुरक्षा के लिए गेस्ट हाउस में कुछ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. लेकिन किसी को भी गिरफ़्तार नहीं किया गया. हालांकि वो किसान सभा में शामिल नहीं हो सके क्योंकि पहले रैली मंगलवार को होनी थी लेकिन उसे सोमवार को ही कर लिया गया था.

किसान नेता ने पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप

राकेश टिकैत और आरजेडी सांसद दोनों ने ही कहा कि गेस्ट हाउस के पास भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी जिसके बाद वजह से कुछ लोग उनके पास आने से भी डर रहे थे. टिकैत ने गेस्ट हाउस में उनके लिए भोजन और पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी सरकार ने जानबूझकर उनके साथ ये किया.

किसानों को लेकर मांझी सरकार पर लगाए आरोप

टिकैत ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरन मांझी को घेरते हुए आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि माझी, राज्य की जनता और किसानों के लिए नहीं बल्कि कॉर्पोरेट घरानों के लिए सरकार चला रहे हैं.  हमें उम्मीद है कि वह उद्योगपतियों के बजाय किसानों की सुनेंगे. उन्होंने कहा कि वो जल्द ही ओडिशा का फिर से दौर करेंगे

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि हमें किसानों से मिलने की भी अनुमति नहीं दी गई. वो इस मामले को संसद में भी उठाएंगे कि पुलिस ने एक निर्वाचित सांसद के लिए कितनी मुश्किलें पैदा कीं.

वहीं पुलिस आयुक्त ने सफ़ाई दी है कि किसान सभा में हंगामे के बाद कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन राकेश टिकैत और आरजेडी सांसद को गिरफ़्तार नहीं किया गया था. कुछ पुलिस कर्मचारियों को प्रोटोकॉल के अनुसार सांसद को सुरक्षा देने के लिए गेस्ट हाउस में तैनात किया गया था.


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