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फर्जी कॉल सेंटर मामलाः सरकार को पहुंचाया हजार करोड़ रुपये का नुकसान

फर्जी कॉल सेंटर मामलाः सरकार को पहुंचाया हजार करोड़ रुपये का नुकसान

मोतीनगर में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चला रहे ठगों ने सरकार को भी करीब एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।

पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि आरोपी वीओआईपी कॉल इंटरनेट के जरिये फोन करते थे। वे जिस नंबर से फोन करते, वह कनाडा का होता था।

इस तरह की सुविधा लेने के लिए सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी है, जिसके लिए मोटी फीस भी देनी होती है। ठग बिना किसी अनुमति के ये गतिविधियां चला रहे थे। दूरसंचार विभाग की टीम की जांच में पता चला कि आरोपी से वीओआईपी कॉल की प्रक्रिया में कानूनी गेटवे को दरकिनार कर रहे थे। इससे सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक, ठगों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से अनधिकृत वीओआईपी खरीदे थे। इससे भारतीय सरकार को भारी नुकसान हुआ। इससे आरोपियों ने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1985 का भी उल्लंघन किया है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देंगे। सूत्रों की माने तो आरोपियों ने भारत सरकार को करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।

मास्टरमाइंड फरार, तीन करीबी साथी दबोचे
पुलिस को पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह का मास्टरमाइंड बन्नी है।  वह राजा, सुशील, नवीन, पंकज, जसजोत, सरबजोत और सागर के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। यह कॉल सेंटर रात के समय काम करता था। बन्नी कॉल सेंटर में कम ही आता था। वही कॉल सेंटर में भर्ती के लिए युवकों का साक्षात्कार लेता था।

सेंटर से बन्नी के तीन करीबी साथियों लुधियाना पंजाब निवासी जसजोत, मैनेजर सरबजोत और गुरुग्राम निवासी सागर जैन को गिरफ्तार किया गया है। अन्य लोग दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम और नगालैंड के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी पढ़े-लिखे हैं और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं।

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